भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

भरतपुर मे नाबालिग बच्चे के साथ कुकर्म करने वाले जज जितेंद्र गुलिया को भरतपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ​​​​​​पुलिस ​गुलिया को जयपुर से भरतपुर लेकर आ गई है। यहां उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। इधर, पीड़ित बच्चा बुधवार को भरतपुर कोर्ट में बयान देने पहुंचा। जहां उसकी तबीयत ख़राब होने के कारण वह बयान नहीं दे पाया। कोर्ट ने उसे अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए। वहीं, कलेक्टर हिमांशु गुप्ता और एसपी देवेंद्र विश्नोई भी बच्चे का हालचाल जानने उसके घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को सुरक्षा भी मुहैया कराई गई है। एसपी देवेंद्र विश्नोई ने बताया कि केस के जांच अधिकारी सीओ सिटी सतीश वर्मा दो दिन से जयपुर में थे। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की पालना करते हुए सीओ सिटी सतीश वर्मा जज जितेंद्र गुलिया को गिरफ्तार कर जयपुर से भरतपुर ले आये हैं।

तनाव मे पीडित बालक।

इधर बच्चे और उसके परिवार के लिए काउंसलर नियुक्त किया जा चुका है। बच्चे के परिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के नंबर दिए गए हैं। परिवार को बताया गया है कि अगर उन्हें किसी भी तरह की परेशानी होती है, तो वह सीधे संपर्क कर सकते हैं। बच्चे और उसके परिवार को पूरी सुरक्षा दी गई है। जज के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद जब जज ने बच्चे की मां के खिलाफ ब्लैकमेल करने का केस दर्ज कराया तो बच्चे का परिवार विरोध जताते हुए राजस्थान छोड़कर आगरा चला गया था। यहां बच्चे की तबीयत ख़राब हो गई। आगरा में बच्चे का इलाज चल रहा था। बुधवार को बच्चे की मां अपने दोनों बेटे और भाई को लेकर भरतपुर कोर्ट पहुंची, जहां बच्चे की हालत ख़राब होने के कारण बच्चे को अस्पताल में भर्ती करने के आदेश दिए गए। बच्चे को ऑक्सीजन लगी हुई है। घटना के बाद से वह काफी डिप्रेशन में है।

यह है पूरा मामला।

रविवार को मथुरा गेट थाना पुलिस को बच्चे की मां ने कुकर्म का मामला दर्ज करवाया था। मां ने बताया कि उसका बच्चा एक क्लब में टेनिस खेलने जाया करता था, जहां जज जितेंद्र गुलिया ने उसके बच्चे के साथ दोस्ती कर ली। वह बच्चे को अपने घर ले जाने लगा। वह बच्चे को खाने पीने की चीजों में नशीली चीजें देकर उसके साथ कुकर्म करता था। जज ने बच्चे के साथ करीब 1 महीने तक कुकर्म किया। इसके अलावा जज के दो साथी क्लर्क ने भी बच्चे के साथ कुकर्म मे शामिल थे। फिलहाल दोनो साथी फरार है। पुलिस आरोपियों की तलाश मे जगह जगह दबीश दे रही है।