जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रशासन शहरों और गांवों के संग अभियान की जमीनी हकीकत जांचने के लिए 9 नवंबर से कैंपों का निरीक्षण करेंगे। मंगलवार को सीएम गहलोत जोधपुर में अभियान के तहत लगाए जा रहे कैंपों का निरीक्षण करने लिए जाएंगे।मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार सीएम गहलोत 9 नवंबर को सुबह 11 बजे से जयपुर से रवाना होंगे। मुख्यमंत्री 12 बजे जोधपुर पहुंचेंगे। 1 से 2 बजे तक सर्किट हाउस में जनसुनवाई करेंगे। मुख्यमंत्री 2.30 बजे जालेली फोजदार, मंडोर (जोधपुर) प्रशासन गांवों के संग शिविर का निरीक्षण करेंगे। इसी प्रकार सीएम गहलोत 3.30 बजे से डिगाडी कला स्कूल वार्ड नंबर 79,80 का निरीक्षण करेंगे।दरअसल, प्रदेश में प्रशासन शहरों और गांवों के संग अभियान की धीमी गति को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पिछले दिनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नाराजगी जता चुके हैं। सीएम गहलोत ने अफसरों को अभियान की मूल भावना के अनुरूप इसे गति देने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद भी अभियान की धीमी गति से देखकर अब खुद एक्शन में आ गए है। वे जनता की परेशानी और शिविरों की जमीनी हकीकत देखने के लिए फील्ड में उतर रहे है। सीएम गहलोत का कहना है कि कोई भी अधिकारी और कर्मचारी कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर आम जनता के कामकाज को टाल नहीं सकता। पट्टे वितरण को लेकर सीएम गहलोत ने कहा था कि हम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना किए बगैर भी आम जनता को राहत दे सकते हैं। महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर से राज्य में प्रशासन गांव और शहरों के संग अभियान शुरू हुआ था। सीएम सभी कलेक्टर और संभागीय आयुक्तों के साथ में नवंबर के दूसरे सप्ताह में वीसी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी कार्यक्रम के बाद जोधपुर के अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए है। गहलोत मंगलवार शाम को अपने भाई अग्रसेन गहलोत की विवाह वर्षगांठ के कार्यक्रम में शामिल होंगे। बुधवार को उनके जोधपुर से ही विशेष विमान से दिल्ली जाना प्रस्तावित है। आपको बता दें, कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गत वर्ष राजनीतिक संकट के दौरान जैसलमेर से कुछ देर के लिए जोधपुर आए थे। सीएम जोधपुर शहर में करीब 15 माह बाद आएंगे। गहलोत की यात्रा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। इससे पहले दिवाली पर मुख्यमंत्री के जोधपुर आने का कार्यक्रम बना था। लेकिन एन वक्त पर दौरा रद्द हो गया।
अभियान मे ना हो परेशानी इसका रखा गया विशेष ध्यान।
अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों में मूल-निवास, जन्म-मृत्यु आदि आवश्यक प्रमाण-पत्रों की प्रतिलिपि, जाति, लीज-डीड पट्टे, जमाबंदी, जनाधार पंजीयन, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन करने आदि कार्यों के लिए ई-मित्र कियोस्क की सेवाओं की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री गहलोत ने सभी 11 हजार 341 ग्राम पंचायतों में अभियान के दौरान निःशुल्क सेवाएं प्रदान करने पर राजकॉम्प के माध्यम से ई-मित्र कियोस्क धारकों को पुनर्भरण के लिए 5 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट प्रावधान की स्वीकृति दी है। गौरतलब है कि ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने की मंशा से 2 अक्टूबर से प्रशासन गांवों के संग अभियान संचालित किया जा रहा है।

0 टिप्पणियाँ