ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान में मंत्रिमडल पुनर्गठन के बाद पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा की दिल्ली में मुलाकात ने चर्चाओं का बाजार फिर से गर्म हो गया है। गुजरात प्रभारी डॉ. रघु शर्मा के साथ हुई राजस्थान हाउस में मुलाकातों ने नई सियासी चर्चा छेड़ दी हैं। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच राजस्थान की सत्ता और संगठन को लेकर चर्चा हुई है। पायलट ने कहा कि हम चाहते हैं कि राजस्थान में सरकार और संगठन में हर वर्ग और हर तबके का प्रतिनिधित्व हो। पायलट ने यह भी कहा कि राजस्थान के हर तबके को यह लगना चाहिए कि यह हमारी अपनी सरकार है। उन्होंने कहा कि जैसा कि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि आने वाले दिनों में राजस्थान में संगठन में और विस्तार होगा, तो मुझे लगता है कि उसके लिए हम सभी मिलकर काम करेंगे। पायलट ने कहा कि राजस्थान में सत्ता और संगठन में सबकी राय लेकर काम किया जाएगा ताकि 22 महीने बाद जब चुनाव हो तो कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ राजस्थान में दोबारा सत्ता में आए। पायलट ने कहा कि हम मिल बैठकर राजस्थान में संगठन, सरकार और क्षेत्र की बात करेंगे। केंद्र की मोदी सरकार को घेरने की आक्रामक रणनीति भी बनाई जा रही है। उसमें राजस्थान कांग्रेस और कार्यकर्ताओं की क्या भूमिका रहेगी, हम कैसे जनता का विरोध और आक्रोश सड़कों पर लेकर आते हैं, इन सब बातों की भी डोटासरा से चर्चा की है। पायलट ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और हम सबने मिलकर यह तय किया है कि बीजेपी की केंद्र की सरकार को एक्सपोज करें और पब्लिक की आवाज को सदन के अंदर और बाहर पुरजोर तरीके से उठाएं।