जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान मे सियासी घमासान के बाद अच्छे से मंत्रीमंडल का गठन हो चुका है। इसके साथ ही गहलोत केबीनेट की बैठक भी हो चूकी है। इस बीच मंत्रीमंडल गठन से नाराज और राजनीतिक नियुक्तियों से वंचित नेताओं के असंतोष को काबू मे रखने के लिए फिर से पीसीसी कार्यालय मे मंत्री दरबारी लगेगा और नेताओं की समस्याओं का प्रमुखता से समाधान भी किया जायेगा। इसके लिए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को आलाकमान और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी निर्देश मिल चुके है। दरअसल एक व्यक्ति एक पद सिद्धांत के फॉर्मूले के तहत मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे चुके प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अब अलर्ट मोड पर हैं। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा जहां संगठन विस्तार को लेकर सक्रिय हैं तो सत्ता और संगठन में किस प्रकार तालमेल बना रहे इसको लेकर डोटासरा ने कवायद शुरू कर दी है। इसी के तहत प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा स्वयं प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की फरियाद सुनने के साथ ही मंत्री दरबार के जरिए भी कार्यकर्ता और आमजन की समस्याओं का निस्तारण करवाएंगे। बताया जाता है कि पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में फिर से मंत्री दरबार शुरू करने के पक्ष में हैं, जिससे कि आमजन और पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने काम के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़े और उनके काम का निस्तारण प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में ही हो जाए।पार्टी के विश्वस्त सूत्रों की माने तो प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मंत्री दरबार को लेकर जहां प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सोनिया गांधी सहित प्रदेश प्रभारी अजय माकन से चर्चा कर चुके हैं तो वे अब जल्द ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ बैठक करके भी प्रदेश कांग्रेस में नियमित मंत्री दरबार शुरू करवाने के लिए चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद ही मंत्री दरबार का रोड मैप तैयार किया जाएगा कि किस विभाग का मंत्री किस दिन प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठकर जनसुनवाई करेगा।
सप्ताह में 5 दिन चलेगा मंत्री दरबार।
बताया जाता है 2 साल के बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने और उनके कामों का निस्तारण करने के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सप्ताह में 5 दिन मंत्री दरबार लग सकता है जिसमें सोमवार से शुक्रवार तक शेड्यूल के हिसाब से मंत्री पार्टी कार्यकर्ता और आम जन की जन सुनवाई करेंगे और उनके कामों का निस्तारण करेंगे।
आपको बता दें कि प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट के कार्यकाल में अक्टूबर 2019 में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय मे मंत्री दरबार शुरू किया गया था जिसमें सोमवार से शुक्रवार तक अलग-अलग विभागों के मंत्री कांग्रेस कार्यकर्ता और आमजन की जनसुनवाई करते थे। हालांकि कोरोना की पहली लहर चलते फरवरी 2020 में मंत्री दरबार को स्थगित कर दिया गया था, जिसके बाद अब एक बार फिर से इसकी कवायद शुरू की जा रही है।

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