उदयपुर भगवान प्रजापत।
उदयपुर लेकसिटी में बुधवार को इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। पहली बार नवम्बर माह में फतहसागर गेट खोले गए। इससे पहले अगस्त या सितम्बर माह में ही फतहसागर के गेट खोले जाते रहे हैं। पूरे जिले में मावठ के दौरान हुई तेज बारिश बाद झीलों में लगातार पानी की आवक तेजी हुई है और बुधवार को शहर के उम्मीदों के फतहसागर के गेट खोल दिये गये। सुबह 9.15 पर जिला कलक्टर चेतन देवड़ा फतहसागर पहुंचे और विधिवत पूजा अर्चना कर झील के गेट खोले।
इस मौके पर राजसमंद जिला कलेक्टर अरविंद कुमार भी मौजूद रहे। गेट खोलने के बाद देवड़ा भी अपने आप को गौरवांवित महसूस कर रहे थे। उन्होने बताया कि यह पहला मौका होगा जब किसी कलक्टर को डेढ साल में तीन बार फतहसागर के गेट खोलने का मौका मिला हो। नगर विकास प्रन्यास के सचिव अरूण हसीजा ने बताया कि पूरे जिले में अच्छी बारिश होने के बाद मदार नहर से आने वाले पानी ने एक बार फिर फतहसागर को पूरा भर दिया। लगातार पानी की आवक होने से बुधवार को फतहसागर के गेट खोल दिये गए। इससे पहले चिकलवास फीडर से पानी को डायवर्ट किया गया और पानी को मदार नहर में छोड़ा गया ताकि डेढ माह में दूसरी बार फतहसागर पूरा भर जाए।
इतिहास में पहली बार नवम्बर में खोले गए गेट।
मौसम परिवर्तन के बाद हुई मावठ ने शहर की सभी झीलो का तरबतर कर दिया। दो दिनों में शहर में 6 इंच से अधिक बारिश हुई तो आसपास के क्षेत्र में बारिश की झड़ी लग गयी। इससे फतहसागर झील एक बार फिर से पूरी भर गयी और बुधवार को जिला कलक्टर ने इसके गेट खोल दिये। बता दें कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ हैं कि नवम्बर माह मे फतहसागर के गेट खोले गये हो। मावठ के दौरान इतनी तेज बारिश भी पहली बार ही हुई थी। उन्होने बताया कि डेढ साल में तीन बार फतहसागर के गेट खोलने का उन्हे मौका मिला हैं। फतहसागर से शहरवासी मन से जुड़े हुए हैं। इसलिए जब भी फतहसागर के गेट खोलने का पता चलता हैं तो सैकड़ो शहरवासी बहते पानी को देखने के लिए यहां पर पहुंच जाते हैं। फतहसागर लेकसिटी के लोगों के दिलों में बसता हैं। उन्होने बताया कि वर्तमान में लेकसिटी में लगातार पर्यटकों की संख्या बढ़ रही हैं और अब एक बार फिर फतहसागर के गेट खुलने से पर्यटन व्यवसाय को इससे लाभ होगा और अधिक संख्या में पर्यटक लेकसिटी की और रूख करेगें।
2-2 इंच खोले गये गेट।
सिचाई विभाग के एक्सीएन कैलाश जैन ने बताया कि फतहसागर के दो-दो इंच चारों गेट खोले गये हैं। उन्होने यह भी कहा कि यह पहला मौका होगा जब सितम्बर के बाद नवम्बर माह में दूसरी बार गेट खोले गये हो। उन्होने यह भी बताया कि पानी की आवक को देखते हुए गेटों को खुला रखा जाएगा। इसके अलावा कोशिश की जाए कि फतहसागर पर लोगों का आकर्षण बना रहे इसके लिए कोशिश की जाएगी कि धीरे-धीरे पानी बहता रहे। इस प्रकार की यह व्यवस्था की जाएगी।

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