जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में जल संसाधन मंत्री बनाए गए महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने मंगलवार को पदभार ग्रहण करते ही बड़ा एक्शन लिया है। मंत्री मालवीय ने साफ कर दिया है कि राजस्थान का पानी गुजरात नहीं जाने दिया जाएगा। इसे जल्द रोका जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राजस्थान के हिस्से का पानी प्रदेश को दिलवाना हमारी प्राथमिकता होगी। जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत मालवीय ने कहा कि गुजरात जा रहे 40 टीएमसी पानी को जल्द रोका जाएगा,यह पानी राजस्थान के हक का है। हमारे हक का पानी लंबे समय से गुजरात जा रहा है। क्योंकि जब खेड़ा में पानी की पूर्ति नहीं हो रही है तो गुजरात में हमारा पानी क्यों जाए।
ऐसे में इसपर जल्द रोक लगाई जाएगी। दरअसल गहलोत सरकार में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल पुर्नगठन में जल संसाधन मंत्री बनाए गए महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने सचिवालय के मुख्य भवन में मंत्रोच्चार के साथ मंगलवार को पदभार ग्रहण किया। मुहूर्त के हिसाब से मालवीय ने 3 बजे परिवार की मोजूदगी में पदभार संभाला। इस दौरान उनकी पत्नी, बेटी, बहु और पोता मौजूद रहे। इस दौरान मालवीय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य के कई जल मुद्दों को आपसी सहमति के साथ सुलझाया जाएगा। साथ ही अंतरराज्य जल समझौते के अनुसार पड़ोसी राज्य पंजाब से भी पूरा पानी लेने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब से नहरी क्षेत्र को फसलों के लिए पूरा पर्याप्त पानी दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। पंजाब में कांग्रेस की सरकार है मुझे उम्मीद है कि हम इस लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे को जल्द ही सुलझा लेंगे। मालवीय ने कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को लेकर केंद्र सरकार से बातचीत कर योजनाओं को धरातल पर लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान से जो सांसद जीत कर संसद में गए है। उनसे बात कर केंद्र सरकार के ऊपर दबाव बनाएंगे और कोशिश करेंगे कि जो परियोजना राजस्थान के हिस्से की है वह जल्द से जल्द मिले। इस दौरान मालवीय ने पदभार ग्रहण करने से पहले विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में सरकार की ओर से की गई बजट घोषणाओं को जल्द से जल्द पूरा करने को लेकर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये। मालवीय ने 25 नवंबर को दोबारा विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें सभी जिला अधिकारियों को प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

0 टिप्पणियाँ