उदयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार में रविवार को मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया। लेकिन मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के बाद अब नाराजगी के स्वर भी उठने लगे हैं। उदयपुर खेरवाड़ा से कांग्रेस विधायक दयाराम परमार को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से उन्होंने अपनी नाराजगी साफ शब्दों मे व्यक्त कर दी है।
विधायक ने इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर मंत्रिमंडल गठन को लेकर कई सवाल पूछे हैं। विधायक दयाराम परमार ने पत्र लिखा कि मंत्रिमंडल के गठन के बाद ऐसा लगता है कि क्या मंत्री बनने के लिए कोई विशेष योग्यता की आवश्यकता होती है। हमें बताने की कृपा करें कि मंत्री बनने के लिए विशेष काबिलियत क्या है। काबिलियत को हासिल करने में क्या कुछ करना पड़ता है। उसको हासिल करने के साथ भविष्य में मंत्री बनने की कोशिश की जा सके। मेवाड़ से मंत्रिमंडल विस्तार में दयाराम परमार का नाम प्रमुखता से चल रहा था लेकिन आज मंत्रिमंडल विस्तार में मेवाड़ के बांसवाड़ा के बागीदौरा से विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीय को कैबिनेट में जगह दी गई। लेकिन दयाराम परमार का नंबर नहीं लगा। इससे नाराज विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख डाला। साथ ही मंत्री बनने की योग्यता को लेकर भी उनसे कई सवाल पूछ लिए। दयाराम परमार खेरवाड़ा से कांग्रेस के सीनियर विधायक हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल में जहां पहले से ही मेवाड़ के दो मंत्री शामिल थे जिनमें उदयलाल आंजना, अर्जुन बामणिया तो वहीं नाथद्वारा से विधायक डॉ. सीपी जोशी विधानसभा अध्यक्ष हैं। और अब मंत्रिमंडल विस्तार में महेंद्रजीत सिंह मालवीय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

0 टिप्पणियाँ