कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह तीन दिवसीय कोटा के दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने कोटा में आयोजित चिंतन बैठक का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को संबोधित भी किया। अरुण सिंह ने अपने संबोधन में केवल संगठन को सर्वोपरि बताते हुए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को कार्य करने के निर्देश दिए। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चल रही रस्साकशी पर भी उन्होंने कहा कि अभी कोई चेहरा नहीं है। अरुण सिंह ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पर पोस्टर में 4 चेहरे लगाए गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री कोई दूसरा ही बन गया। ऐसा ही राजस्थान में भी होगा। जरूरी नहीं है कि जो पोस्टर में दिखे वो ही मुख्यमंत्री बने। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि कृषि कानूनों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदार हृदय था इसलिए उन्होंने तीनों कृषि कानून वापस ले लिए हैं। मोदी सबको साथ लेकर चलने की सोच रखते हैं, इसलिए यह कानून वापस लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का हम अभिनंदन करते हैं। बैठक में विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, मदन दिलावर, कोटा संगठन प्रभारी जितेंद्र गोठवाल, पूर्व सांसद इज्यराज सिंह, पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत, प्रहलाद गुंजल व जिला अध्यक्ष कृष्णकुमार सोनी रामबाबू सहित करीब 30 से ज्यादा नेता शामिल थे। अरुण सिंह उद्घाटन सत्र के बाद ही बारां के लिए चले गए। उनको लेने के लिए सांसद झालावाड़ दुष्यंत सिंह भी कोटा पहुंचे थे। अरुण सिंह के साथ विधायक संदीप शर्मा, मदन दिलावर और सांसद दुष्यंत सिंह बारां गए हैं।