अवनीश पाराशर।

राजस्थान के उदयपुर जिले के वल्लभनगर से कांग्रेस की प्रत्याशी प्रीति शक्तावत 20606 मतों से और धरियावद विधानसभा से कांग्रेस के नगराज मीना ने 18000 से अधिक मतो से जीत दर्ज की है। इन दोनों ही विधानसभाओं में भाजपा काफी पीछे रही है। इन दोनों प्रत्याशियों का मुकाबला अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों से रहा है। वही कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत का ऐलान होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। उन्होंने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई और शुभकामनाएं दी।

वल्लभनगर में यह रही उम्मीदवारो की स्थिति।

वल्लभनगर विधानसभा में हुए उपचुनाव में कांग्रेस की प्रत्याशी प्रीति शक्तावत ने 20606 मतों से अपनी जीत दर्ज की है प्रीति शक्तावत दिवंगत विधायक गजेंद्र सिंह शेखावत की पत्नी है इसलिए माना जा रहा है कि उनको सहानुभूति का भी मत मिला है। फाईनल मतो की गणना के बाद कांग्रेस की प्रीति शक्तावत को 65378 मत मिले। भाजपा के हिम्मत सिंह झाला को 21278 मत मिले। आरएलपी के उम्मीदवार उदय लाल डांगी को 44978 मत मिले। वहीं जनता सेना से प्रत्याशी रहे रणवीर सिंह भिंडर को 43519 मत मिले हैं। इस प्रकार से यहां पर भाजपा चौथे नंबर पर रही है वही आरएलपी यहां पर दूसरे नंबर पर रही है।

धरियावद में यह रही उम्मीदवारो की स्थिति।

धरियावद विधानसभा सीट से कांग्रेस के नागराज मीणा ने 18,747 मतों से जीत दर्ज की है। यहां पर बीटीपी से समर्थन प्राप्त निकटतम प्रत्याशी थावरचंद रहे है। फाइनल मतगणना के बाद कांग्रेस के प्रत्याशी नगराज को कुल 69556 मत मिले, भाजपा के खेत सिंह को 46367 मत मिले हैं। वही बीटीपी प्रत्याशी थावरचंद को 50809 मत मिले इस हिसाब से यहां पर बीजेपी तीसरे नंबर पर रही है।

राजस्थान के जादूगर का फिर चला जादू।

राजनीति में जादूगर नाम से मशहूर और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ताबड़तोड़ सभा और राजनीतिक के चलते कांग्रेस ने दोनों ही सीटों पर जीत दर्ज की है। दोनों ही सीटों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत टिकट वितरण से लेकर मतदान होने तक नजर बनाए हुए थे और बीच-बीच में जाकर विधानसभा क्षेत्र के लोगों से भी रूबरू हुए और सभा आयोजित कर कांग्रेस के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की थी। बात की जाये अशोक गहलोत के राजनीतिक अनुभव की तो प्रचार प्रसार के दौरान हरदम मीडिया से मुताबिक होते  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यह कहते हुए नजर आये की भाजपा का यहां पर सुपड़ा साफ होगा और यही स्थिति रही की भाजपा दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में तीसरे और चौथे नंबर पर रही है। कुल मिलाकर अगर इन दोनों सीटों की जीत की बात की जाए तो यहां पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मेहनत ही रंग लाई है।