जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान मे गहलोत कैबिनेट पुनर्गठन  का इंतजार महीनों से हो रहा था अब उस पर मुहर लग गई है। शाम 4 बजे राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी इसके साथ ही कैबिनेट पुनर्गठन को लेकर जारी रस्साकशी पर भी एक बार विराम लग गया है। देर रात राज्य सरकार की ओर से एक सूची जारी की गई जिसमें 11 कैबिनेट और चार राज्य मंत्री बनाए जाने वालों के नाम फाईनल कर दिये गए हैं। जारी लिस्ट में खास बात यह देखने को मिली है कि पूर्वी राजस्थान को विशेष तवज्जो दी गई है हालांकि पूर्वी राजस्थान के सवाई माधोपुर और धोलपुर जिले से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है हालांकि राजनीतिक सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार आने वाले समय में इन जिलों को बोर्ड, कॉर्पोरेशन, राजनैतिक पद, संसदीय सचिव सहित आदि पदो से इनको नवाजा जा सकता है। वही लिस्ट में खास बात यह देखने को भी मिली है कि तीन मंत्रियों का प्रमोशन भी किया गया है। जिनमे प्रमुख रूप से पहले से राज्य मंत्री के तौर पर शामिल ममता भूपेश, भजन लाल जाटव और टीकाराम जूली को प्रमोट करते हुए कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वहीं पिछले साल राजनीतिक उठापटक के समय सचिन पायलट के साथ बर्खास्त किए गए दोनों मंत्रियों रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह को फिर से गहलोत कैबिनेट में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही गहलोत मंत्रिमंडल में नये महिला चेहरों को जगह देकर राहुल और प्रियंका गांधी एजेंडा का आगे बढ़ाया गया है।

पायलट कैम्प के पांच विधायक मंत्रिमंडल में शामिल।
सूबे के प्रत्येक व्यक्ति की नजर थी कि कैबिनेट पुनर्गठन में सचिन पायलट कैंप से जुड़े कितने विधायकों को जगह मिलती है, तो आपको बता दें कि सचिन पायलट कैंप के पांच मंत्री बनाए गए हैं। इनमें से सचिन पायलट के साथ बर्खास्त किए गए विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को वापस कैबिनेट मंत्री बनाया गया है तो वही हेमाराम चौधरी को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसी तरीके से पायलट कैम्प के बृजेंद्र सिंह ओला और मुरारी लाल मीणा को राज्य मंत्री बनाया गया है। वैसे भी सचिन पायलट कैंप के अधिकतम 6 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता था। इनमें से 5 विधायकों को मंत्री बना दिया गया है। केवल एक दीपेंद्र सिंह शेखावत का नाम इस लिस्ट में शामिल नहीं है जिन्हें कहा जा रहा है कि कहीं और एडजस्ट कर दिया जाएगा। हालांकि सियासी भूचाल के हिसाब से बात की जाए तो पायलट कैंप के चार विधायक ही मंत्रिमंडल में शामिल हो पाए हैं। क्योंकि पायलट खेमे में शामिल विश्वेंद्र सिंह पहले पायलट के साथ थे। बाद में वह मुख्यमंत्री गहलोत के खेमे में चले गए राजनीतिक सूत्रों के अनुसार विश्वेंद्र सिंह को मंत्रिमंडल में जगह देने के लिए माथापच्ची भी की गई थी और अंत में विश्वेंद्र सिंह को मंत्रिमंडल में जगह मिल ही गई।

गहलोत गुट के 10 विधायक को मिली तव्वजो।
गहलोत ने अपने कैम्प के 8 कैबिनेट और 2 राज्य मंत्री बनाने का फैसला लिया। इन 8 कैबिनेट मंत्रियों में महेंद्रजीत सिंह मालवीय, रामलाल जाट, महेश जोशी, ममता भूपेश, भजन लाल जाटव, टीकाराम जूली, गोविंद राम मेघवाल और शकुंतला रावत शामिल हैं। वहीं जाहिदा और राजेंद्र गुढ़ा को राज्य मंत्री बनाया गया है।

अभी भी 12 जिलों के हाथ खाली
राजस्थान में कैबिनेट विस्तार को लेकर कहा जा रहा था कि इस बार कैबिनेट में क्षेत्रीय संतुलन साधते हुए मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार में ऐसा दिखा नहीं। संगठन में गए तीन मंत्रियों के हटने के बाद 16 जिले ऐसे थे जिनमें कोई प्रतिनिधित्व नहीं था। हालांकि मंत्रिमंडल पुनर्गठन के बाद भी 12 जिले ऐसे हैं जिनके हाथ खाली रह गए हैं। इनमें उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, सिरोही, धौलपुर, टोंक, सवाई माधोपुर ,हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर ,चूरू ,अजमेर और सीकर हैं। जयपुर भरतपुर दौसा और बीकानेर ऐसे जिले हैं जहां मंत्रियों की संख्या सबसे ज्यादा है। गहलोत कैबिनेट में अब मुख्यमंत्री समेत 30 मंत्रियों में से जयपुर से 4 मंत्री लालचंद कटारिया ,प्रताप सिंह खाचरियावास ,महेश जोशी और राजेंद्र यादव, भरतपुर से 4 मंत्री भजन लाल जाटव, विश्वेंद्र सिंह ,सुभाष गर्ग और जाहिदा, दौसा से 3 मंत्री परसादी लाल मीणा, ममता भूपेश और मुरारी लाल मीणा ओर बीकानेर से 3 मंत्री बीडी कल्ला, भंवर सिंह भाटी और गोविंद मेघवाल हैं. ऐसे में 30 में से 14 मंत्री तो 4 जिलों से हैं. इसके अलावा झुंझुनू से दो मंत्री बृजेंद्र ओला और राजेंद्र गुढ़ा, बांसवाड़ा से दो मंत्री अर्जुन बामणिया और महेंद्रजीत सिंह मालवीय, अलवर से दो मंत्री शकुंतला रावत और टीकाराम जूली, कोटा से 2 मंत्री प्रमोद जैन भाया और शांति धारीवाल ,भीलवाड़ा से रामलाल जाट ,बाड़मेर से हेमाराम चौधरी , करौली से रमेश मीणा, सुखराम बिश्नोई जालौर से अशोक चांदना बूंदी से ,सालेह मोहम्मद जैसलमेर से,जोधपुर से अशोक गहलोत मुख्यमंत्री है।

15 में से 4 कैबिनेट मंत्री SC
आज होने वाले कैबिनेट विस्तार में कांग्रेस पार्टी ने अपने दलित वोट बैंक को साधने का पूरा प्रयास किया है ।जहां मास्टर भंवरलाल के निधन के बाद एक भी एससी का कैबिनेट मंत्री नहीं था ,तो अब 4 कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। जिनमें ममता भूपेश, भजन लाल जाटव, टीकाराम जूली और गोविंद राम मेघवाल शामिल है। एसटी से भी 3 मंत्री शामिल किए गए है जिनमें रमेश मीणा, मुरारी लाल मीणा और महेंद्रजीत सिंह मालवीय शामिल है। अब गहलोत कैबिनेट की तस्वीर देखी जाए तो 30 में से चार मंत्री एससी केटेगरी है जो चारों कैबिनेट मंत्री है। तो इसी तरीके से पांच मंत्री एसटी कैटेगरी के हैं जिनमें से 3 कैबिनेट और 2 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री है।

बीएसपी से कांग्रेस मे शामिल राजेंद्र गुढ़ा को मौका।
गहलोत कैबिनेट में एक भी निर्दलीय विधायक को मंत्री पद नहीं दिया गया है ,जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 13 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। तो वहीं बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों में से केवल एक राजेंद्र गुढ़ा को मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा सभी पांच विधायक खाली हाथ रह गए हैं। अब निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों में से कुछ विधायकों को संसदीय सचिव और मुख्यमंत्री के सलाहकार के पदों पर एडजस्ट किये जाने की बात की जा रही है। वैसे भी उप चुनावों के नतीजों के बाद कांग्रेस की बसपा से आए विधायकों पर निर्भरता कम हुई है। 

15 संसदीय सचिव और 7 बनेंगे CM के सलाहकार।
राजस्थान में कैबिनेट विस्तार के बाद जहां मंत्रियों के पूरे 30 पद भर दिए जायेंगे। साफ है कि मंत्री बनाने की गुंजाइश अब गहलोत कैबिनेट में नहीं है। ऐसे में गहलोत सरकार 15 विधायकों को संसदीय सचिव बनाएगी, तो वहीं सात विधायकों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार के पद दिए जाएंगे।

शाम 4:00 बजे होगा राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह।
मंत्रिमंडल की लिस्ट जारी होने के बाद दोपहर में पीसीसी कार्यालय में पहले कांग्रेसी नेताओं की बैठक होगी उसके बाद शाम 4:00 बजे जारी की गई लिस्ट के अनुसार मंत्रियों की शपथ ग्रहण का समारोह होगा शपथ ग्रहण समारोह में राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण करने वाले विधायकों को फोन और कार्ड के द्वारा व्यक्तिगत सूचना भी दे दी गई है।