चलो
हो ही गयी
दीवाली
जला लिये
दीये भी
पूजा भी
कर ही ली
मिठाई भी
खा ही ली
फोड़ ही लिये
पटाखे भी
मिल भी लिये
लोगों से
पर नहीं भरा
मन का खालीपन
अँधेरा है
किसी कोने में
अब भी
साल दर साल
हो रहा है यही
हर बार
पहले से अधिक
हो जाता है
त्यौहार के बाद का
सन्नाटा ।
©️✍ लोकेश कुमार सिंह 'साहिल'

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