उदयपुर से भगवान प्रजापत की रिपोर्ट। 

दीपोत्सव के दौरान रहने वाले त्योहारी पर्यटन का नजारा शुक्रवार से दिखाई देने लग गया।  दीपपर्व के दौरान उदयपुर में गुजराती पर्यटकों की ज्यादा भीड़ रहती है। भगवान श्रीनाथजी के भक्त गुजरात से आने वाले पर्यटकों के लिए भगवान के सबसे बड़े अन्नकूट उत्सव के दर्शन के साथ उदयपुर घूमने और त्योहार से पहले व्यावसायिक थकावट उतारने का भी मौका मिल जाता है। गुजरात में लाभ पंचमी तक अवकाश रहता है। ऐसे में दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा - अन्नकूट के दर्शन के बाद अरावली के सुरम्य स्थलों के भ्रमण में अवकाश खर्च करने के बाद गुजराती पर्यटक लौटते हैं। 

उदयपुर के होटल व्यवसायियों का कहना है कि 10 नवम्बर तक उदयापोल के आसपास के किसी भी होटल में जगह मिलना मुश्किल है। एडवांस बुकिंग हो चुकी है। कई पर्यटक होटल बुक उदयपुर में करते हैं और फिर नाथद्वारा निकल जाते हैं। वहां गोवर्धन पूजा व रात को अन्नकूट के दर्शनोपरांत लौटते हैं। नाथद्वारा में इतने होटल हैं भी नहीं कि वे इतनी आवश्यकता को पूरा कर सकें। दूसरे, नाथद्वारा में एक दिन के दर्शन के बाद घूमने-फिरने का कार्यक्रम का केन्द्र तो उदयपुर ही होता है, इसलिए पर्यटक उदयपुर में ही होटल बुक कराना उचित समझते हैं। 

शनिवार को शहर की सहेलियों की बाड़ी, फतहसागर, सुखाड़िया सर्कल पर भीड़ नजर आई। भले ही दीपावली का अगला दिन खैंखरा रामा-श्यामा का माना जाता हो, लेकिन उदयपुर में पर्यटन व्यवसाय से जुड़ा हर व्यक्ति दीपावली के अगले दिन से ज्यादा व्यस्त हो जाता है, चाहे वह होटल व्यवसायी हो, वाहन संचालक हों, रेस्टोरेंट वाले हों या चाट-पकौड़ी, चाय-कॉफी वाले हों, इस वक्त सभी का सीजन चलता है, ऐसे में इन प्रतिष्ठानों पर काम करने वाले दूर के स्टाफ को काम पर रुकना ही होता है।