है मानव के मन-निवास का कैसा अद्भुत आँगन देखो
होते जाते रूप बदल कर संस्कृतियों के मिश्रण देखो
पूरे जग में बजे बाँसुरी पुजते हैं गोबर के पर्वत
ब्रज-संस्कृति के कहाँ रहे अब कृष्ण और गोवर्धन देखो
©️✍️ लोकेश कुमार सिंह 'साहिल'
है मानव के मन-निवास का कैसा अद्भुत आँगन देखो
होते जाते रूप बदल कर संस्कृतियों के मिश्रण देखो
पूरे जग में बजे बाँसुरी पुजते हैं गोबर के पर्वत
ब्रज-संस्कृति के कहाँ रहे अब कृष्ण और गोवर्धन देखो
©️✍️ लोकेश कुमार सिंह 'साहिल'
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