श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर।
अंतराष्ट्रीय बार्डर पर हिंदी पंजाबी बाहूल्य क्षेत्र श्रीगंगानगर जिले में हिंदी राजस्थानी के बाद अब संभवत जिले के इतिहास में पहली बार अंग्रेजी भाषा में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत बिहानी चिल्ड्रन एकेडमी के बच्चों ने की है। 5 दिन तक आयोजित होने वाली इस रामलीला के सभी संवाद स्कूल के स्टाफ ने तैयार किये है। एकेडमी प्रधानाचार्य दीपक पाठक ने बताया कि बच्चे धाराप्रवाह रामलीला के सभी संवाद अंग्रेजी में बोलते हैं। रामलीला के प्रथम दिन श्री राम बालकांड का मंचन किया गया जिसमें भगवान राम के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा-दीक्षा ताड़का वध के प्रसंगों का बहुत ही शानदार तरीके से छोटे-छोटे बच्चों ने मंचन किया। इन बच्चों के मुख से अंग्रेजी में निकलते संवाद और उनकी शानदार अदायगी उपस्थित लोगों को दांतो तले उंगली दबाने पर मजबूर कर रही थी। अगले दिन सीता स्वयंवर, भरत मिलाप, सूंपनका का नाक काटने का मंचन हुआ । इससे पूर्व अकेडमी के बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी। बिहाणी महाविद्यालय के शानदार ऑडिटोरियम में 5 दिन चलने वाली इस रामलीला में रविवार को श्री राम का शबरी और हनुमान से मिलन, हनुमान द्वारा लंका में आग लगाना तथा सोमवार को लक्ष्मण मेघनाथ संवाद, हनुमान का सजीवन बूटी लाना ,मेघनाथ वध और 12 अक्टूबर को कुंभकरण का वध रावण वध और श्री राम का अयोध्या में वापस लौटना आदि प्रसंगों का मंचन किया जाएगा ।
बिहानी शिक्षा न्यास के अध्यक्ष जयदीप बिहानी ने दीप प्रज्वलित कर इस अवसर पर सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में सनातन धर्म सबसे श्रेष्ठ है तथा सनातन धर्म की इसी संस्कृति को आमजन से जोड़ने के लिए रामलीला से बढ़कर और कोई साधन नहीं है। कोरोना काल ने जहां सभी अपने घरों तक ही सीमित किया, वही ऐसे में अब रामलीला ही एक दूसरे के बीच भाईचारा एकता और प्रेम का संदेश देती है। इस अवसर पर बिहानी शिक्षा न्यास के निदेशक राजेंद्र राठी, बिहानी चिल्ड्रन एकेडमी के सचिव नीरज बिहानी ,विधि महाविद्यालय के सचिव विमल बिहानी ,फार्मेसी महाविद्यालय के डॉ नरेश पेड़ीवाल व प्रबंध समिति के सदस्य मोनिका बिहानी के अलावा एसडी बिहानी महाविद्यालय के डॉ ऐ एस मान भी उपस्थित थे। सूरतगढ़ में जहां राजस्थानी भाषा में रामलीला का मंचन किया जाता है। वही श्रीगंगानगर में भी हालांकि अभी प्रशासन की अनुमति नहीं हुई है मगर रामलीला का मंचन होने की संभावना है । बिहाणी शिक्षा न्यास द्वारा गंगानगर के इतिहास में पहली बार अंग्रेजी में रामलीला का किया गया। मंचन लोगों के लिए एक नया प्रयोग भी है और साथ ही सनातन संस्कृति को बचाए रखने का एक शानदार प्रयास भी।

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