जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

राजस्थान प्रदेश के पुलिस थानों और कार्यालयों में मंदिर निर्माण पर रोक लगाने संबंधी आदेश पर अब सियासत शुरू हो गई है। भाजपा प्रतिपक्ष के नेता राजेंद्र सिंह राठौड़, भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और संत समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी सौरव राघवेंद्र आचार्य महाराज ने पुलिस महकमे के इस आदेश को न केवल हिंदू विरोधी बताया बल्कि सरकार से इस आदेश पर तुरंत रोक लगाने की भी मांग की। भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने इस मामले में एक बयान जारी कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस प्रकार के आदेश से कांग्रेस का हिंदू विरोधी चेहरा सामने आ गया है। राजस्थान पुलिस की ओर से जारी आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद मीणा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। उसे संभालने की बजाय राजस्थान पुलिस बेमतलब के आदेश जारी कर रही है। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस मामले में पूछा है कि आप लोग तो स्वयं को गांधीवादी कहते हैं। गांधी जी तो अपने हर कार्यक्रम की शुरुआत ही रघुपति राघव राजा राम से करते थे, ऐसे में आपको मंदिरों से तकलीफ क्यों है। मीणा ने पुलिस के इस आदेश को तत्काल निरस्त करवाने की मांग भी मुख्यमंत्री से की है।

संत समाज ने जताई नाराजगी।

संत समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी सौरभ राघवेंद्र आचार्य महाराज ने राजस्थान प्रदेश के पुलिस थानों और कार्यालयों में मंदिर निर्माण पर रोक लगाने संबंधी आदेश पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राजस्थान पुलिस के महानिदेशक ने सनातन धर्म पर कुठाराघात किया है। राजस्थान पुलिस के इस आदेश से संत समाज में नाराजगी के साथ आक्रोश उत्पन्न हो गया है। संत समाज इस आदेश की घोर निंदा करता है। साथ ही संत समाज ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर आदेश को वापस लेने की मांग की गई है।  संत समाज ने पत्र में चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने सात दिवस में आदेश को वापस नहीं लिया तो संत समाज मजबूर होकर सड़कों पर धरने पर बैठेगा। इस विषय पर संत समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता बुधवार को राज्यपाल से मिलकर मामले को भी अवगत करवाएंगे।आपको बता दे, कि पुलिस महानिदेशक कार्यालय से एक परिपत्र जारी कर थानों और कार्यालय परिसर में पूजा स्थल के निर्माण पर रोक लगाई गई है। साथ ही राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थल अधिनियम 1954 का भी आदेश में जिक्र किया गया है।