श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर।

श्रीगंगानगर के जिला कलक्टर जाकिर हुसैन ने कहा है कि पुस्तकों से ही चरित्र का निर्माण होता है। इसी से समाज बनता है। इसलिए युवा वर्ग के साथ सभी को अच्छी पुस्तकों से जुड़े रहना चाहिए। जिला कलेक्टर जिला पुस्तकालय सभागार में सृजन सेवा संस्थान एवं राजकीय सार्वजनिक जिला पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेवानिवृत्त वरिष्ठ पुस्तकालयाध्यक्ष संतोष कुमारी की सद्य प्रकाशित पुस्तक 'आलेख मंजरी के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति बहुत घातक है। इससे व्यक्ति का नैतिक बल गिर जाता है। अगर हम नशे की बजाय पुस्तकों से जुड़ेंगे तो निश्चित ही हम सामाजिक बुराइयों से बच पाएंगे। जिला कलक्टर ने कहा कि आप जिस भी ईष्ट को मानते हैं, उसमें विश्वास रखते हुए कार्य करें। किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। इस पुस्तक की लेखिका ने नैतिक शिक्षा और सर्वधर्म समभाव की बात की है, इसके लिए उन्हें बधाई देता हूं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान साहित्य अकादमी से पुरस्कृत विद्वान पंडित तनसुखराम शर्मा ने कहा कि व्यक्ति की जन्मभूमि का अपना महत्व है, कर्मभूमि का उससे भी ज्यादा महत्व है। व्यक्ति भले कहीं रहे, वह अपने कर्मों से ही याद किया जाता है।  विशिष्ट अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी हंसराज यादव ने कहा कि पुस्तक में अलग-अलग विषयों पर आलेख दिए गए हैं। यह बहुत पठनीय और प्रेरणादायक हैं।

पुस्तक पर पत्रवाचन करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार कृष्णकुमार आशु ने माना कि आलेख मंजरी वास्तव में संस्कार मंजरी है। यह विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी होगी। इस पुस्तक में संगृहीत आलेखों से विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार मिलेंगे। पत्रवाचन करते हुए कवयित्री एवं आलोचक सुषमा गुप्ता ने कहा कि बेहद सरल भाषा में आलेख प्रभावित करते हैं। अधिकतर आलेखों में बुद्धि तत्वों का बाहुल्य है और तथ्यात्मक जानकारी बड़े पैमाने पर दी गई है। पुस्तक की लेखिका संतोष कुमारी ने कहा कि उन्होंने पुस्तकों के बीच रहते हुए जो कुछ सीखा, उसी को कागज पर उतारने का प्रयास किया है।

इससे पहले जिला पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. रामनारायण शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। सृजन के अध्यक्ष डॉ. अरुण शहैरिया ताइर ने आभार व्यक्त किया। मंच संचालन डॉ. संदेश त्यागी ने किया। कार्यक्रम में जिला पुस्तकालय की ओर से गांधी-शास्त्री जयंती पर आयोजित निबंध लेखन एवं भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को जिला कलक्टर ने पुरस्कृत भी किया। 

कार्यक्रम में डॉ. आशाराम शर्मा, गोविंदराम शर्मा, मनीराम सेतिया, ऋतुसिंह, कमलेश वर्मा, चंद्रप्रकाश बंसल, सत्यपाल जोइया, अरुण खामख्वाह, रमेश मोयल, राजेंद्र सारस्वत सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं साहित्य प्रेमी मौजूद थे।