चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट।

प्रतापगढ़ जिले में वर्ष 2007 में हुए अधिवक्ता गिरिराज जोशी हत्याकांड के बहुचर्चित मामले में जिला एवं सेशन न्यायालय चित्तौड़गढ़ के न्यायाधीश केशव कौशिक ने मंगलवार फैसला सुनाया है। मामले में दोषी छह अभियुक्त को आजीवन कारावास सुनाया है। 

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इसके अलावा अर्थदंड से भी दंडित किया है। वहीं इस मामले के दो अभियुक्त फरार है जिन्हें दोषी मानते हुए गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। विशिष्ठ लोक अभियोजक सुरेशचंद्र शर्मा ने बताया कि 6 जनवरी 2007 को प्रतापगढ़ में घटित हुई एक फायरिंग की घटना में अधिवक्ता गिरिराज जोशी की मौत के मामले में एक अक्टूबर को जिला एवं सेशन न्यायाधीश केशव कौशिक ने सभी अभियुक्तों को धारा 302,120 बी, 460 में दोषी करार दिया गया था। जिसमें दो अभियुक्त वसीम और साकिर गैरहाजिर थे उनकी हाजिरी माफी में दोषी करार दिया गया। लेकिन उसके पश्चात उनकी जमानत भी जप्त की गई वहीं मंगलवार को सुनाए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में  6 अभियुक्तों को जिन को दोषी करार दिया गया 

सभी को धारा 120 बी में आजीवन कारावास 302 और 120 बी,  में आजीवन कारावास धारा 460 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही प्रत्येक धारा में 20 हजार रुपये अर्थदंड के साथ दंडित भी किया गया है। वही अभियुक्त इमरान और रोशन को धारा 3/25 में 5 वर्ष के कारावास एवं 10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। उन्होंने बताया कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय चित्तौड़गढ़ जिले के लिए है। गौरतलब है कि 6 जनवरी 2007 को अधिवक्ता गिरिराज जोशी अपने चेंबर में शाम के समय बैठे हुए थे। करीब 7  बजे उनके ऊपर रिवाल्वर से फायर किया गया जिसमें घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई थी।