चितौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट।

देश में लगातार बढ़ रही वैक्सीनेशन की गति को विजय महोत्सव के रूप में मनाने के लिए आजादी के अमृत महोत्सव अभियान के तहत देश की सो इमारतों का चयन किया गया। जिसमें चित्तौड़गढ़ में भी इस महोत्सव को मनाने के लिए ऐतिहासिक दुर्ग की इमारतों का चयन हुआ और ऐतिहासिक दुर्ग चित्तौड़गढ़ दुर्ग इस गौरवमई क्षण का साक्षी बना l देश में 100 करोड़ कोविड वैक्सीनेशन पूरा होने के अवसर पर गुरुवार रात को विश्व विख्यात चित्तौड़ दुर्ग के दो स्मारकों को तिरंगा रोशनी से सजाया गया। चित्तौड़वासियों के लिए यह बहुत खुशनुमा पल था कि देश के 100 प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चित्तौड़ के तीन स्मारकों का चयन किया था। हालांकि एक व्यू पॉइंट की प्राचीर में किसी तरह से लोकेशन का नहीं बना इसलिए इस स्थान पर लाइट नहीं हो पाई।कोविड वैक्सीनेशन को 100 करोड़ की जनता ने 75वीं आजादी का अमृत महोत्सव को ओर ज्यादा स्पेशल बना दिया। जिसका जश्न गुरुवार को पूरे देश में मनाया गया। ऐसा नजारा दीपावली, मीरा महोत्सव या फिर फोर्ट फेस्टिवल पर देखने को मिलता है। लेकिन आज का पर्व देश के नाम होने से स्मारकों को तिरंगा रोशनी से सजाया गया। 

दुनिया को  संदेश देने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग को अपने 100 प्रमुख स्मारकों को चिन्हित करने के लिए कहा था। जिनको देश के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा की रोशनी से जगमग किया जा सके। बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही 14 अक्टूबर को देशभर में इस तरह विजय उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए थे। चित्तौड़ दुर्ग की विशालता और विशेषता को देखते हुए यहां तीन स्मारकाें का चयन किया गया था। जिसमें विजय के प्रतीक विजयस्तंभ और रायल पैलेस कुंभा महल लाइटिंग की गई। व्यू पोइंट की प्राचीर व पास की प्राचीर दीवार को भी शामिल किया जा सकता था l ताकि शहर में दूर दूर से यहां तक कि हाईवे व ट्रेनों से भी यह जगमगाहट दिखे। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। इस मौके पर जिला कलेक्टर ताराचन्द मीणा भी पहुँचे। उन्होंने कहा कि हम इस साल आजादी की 75वीं महोत्सव मना रहे हैं। और ऐसे में कोविड वैक्सीनेशन भी 100 करोड़ पार करने के बाद भारत सरकार ने इसे उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह चित्तौड़ का गौरव है कि चित्तौड़गढ़ का नाम भारत सरकार स्तर पर चयन किया गया। यहां तिरंगा लाइटिंग से दुर्ग के 2 स्मारकों की खूबसूरती दिखाई गई है। यह चित्तौड़ का का सौभाग्य है कि देश विदेश के लोग भी देख पा रहे हैं। चित्तौड़गढ़ अपने आप में एक प्रेरणा स्त्रोत है जो दूसरों को हमेशा प्रेरणा ही देता है। गौरतलब है कि इतिहास और गौरव के प्रतीक चित्तौड़गढ़ दुर्ग को तिरंगे के रंग में सजा देखकर जहां देश भक्ति की भावना जागृत होती है वही वैक्सीनेशन को लेकर भी गर्व की अनुभूति होती है। यह की गई आकर्षक सजावट लोगों को प्रेरणा देगी की जो लोग टीकाकरण के इस महाअभियान से वंचित रहे हैं वह भी टीका लगभग कोरोना के सुरक्षा चक्र में अपना योगदान दे सकें।