जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

जोधपुर जिले मे 13 अक्टूबर को हुए लवली कंडारा एनकाउंटर मामले में पुलिस की आंतरिक जांच पूरी हो गई है। जांच में एनकाउंटर को सही मानते हुए थानाधिकारी लीलाराम और तीन कांस्टेबलों को क्लीन चिट देते हुए बहाल कर दिया गया है।फिलहाल मामले में अभी सीआईडी की जांच जारी है। दरअसल 13 अक्टूबर को जोधपुर में हिस्ट्रीशीटर और रातानाड़ा थाना पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए बदमाश लवली कंडारा के एनकाउंटर मामले में पुलिस की आंतरिक जांच पूरी हो गई है। जिसमें एनकाउंटर को सही मानते हुए थानाधिकारी लीलाराम और तीन कांस्टेबलों के पक्ष में रिपोर्ट दी गई है। जिसके बाद पुलिस मुख्यालय से थानाधिकारी लीला राम और 3 कांस्टेबलों को डीसीपी भारत भूषण यादव ने एक आदेश जारी कर बहाल कर दिया है। एनकाउंटर के बाद एसीपी मंडोर राजेंद्र दिवाकर को प्रकरण की आंतरिक जांच सौंपी गई थी। दिवाकर ने इसकी रिपोर्ट हाल ही में पीएचक्यू और जोधपुर पुलिस कमिश्नर को सौंपी थी। इसके आधार पर सभी के बहाली के आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि, लीलाराम को बहाली के बाद भी थाने में पद स्थापित नहीं किया जाएगा। अभी जोधपुर पुलिस कमिश्नर रातानाड़ा थाने में नया थाना अधिकारी भी नियुक्त नहीं किया है।

यह था पूरा मामला।

13 अक्टूबर की शाम को रातानाड़ा थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा अपने साथियों के साथ मौजूद था। जिसे रोकने की कोशिश थानाधिकारी लीलाराम ने की, लेकिन वह अपनी गाड़ी लेकर भाग गया। पुलिस ने बदमाश का पीछा किया तब उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। इधर पुलिस की जवाबी फायरिंग में लवली को 4 गोलियां लगी और उसकी मौत हो गई। इसको लेकर वाल्मीकि समाज ने 5 दिनों तक मथुरादास माथुर अस्पताल में धरना दिया था। मामले में चारों पुलिसकर्मियों के सस्पेंड होने के बाद ही लवली कंडारा का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद पुलिस निरीक्षक लीलाराम और पुलिस कर्मियों के समर्थन में भी प्रदर्शन हुए। प्रकरण की जांच एसीपी मंडोर राजेंद्र तिवारी को सौंपी गई थी। इनकी रिपोर्ट पर सभी की बहाली की गई है।

फिलहाल सीआईडी की जांच जारी।

एनकाउंटर की जांच सीआईडी भी कर रही है। इसको लेकर एक टीम ने हाल ही में घटना का सीन रीक्रिएट भी किया था। इसके अलावा इस मामले में लवली के परिजनों की रिपोर्ट पर 302 में भी मामला पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज किया गया। इसकी भी जांच अभी तक चल रही है।