जैसलमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
जैसलमेर जिले में पोकरण के पास सेना के वाहन से दुर्घटनाग्रस्त हुए पिता-पुत्र की मौत और शवों को फेंकने के मामले को लेकर विभिन्न समाजों के लोगो का धरना जारी है।
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लोग दोषियों के खिलाफ कारवाई की मांग को लेकर अडे है। इधर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने घटना को शर्मसार करने वाला मामला बताया है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष आरके मेहर और अन्य स्थानीय लोगों ने जैसलमेर जिले के इस गंभीर प्रकरण की जानकारी दी थी, इसके बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर से दूरभाष पर वार्ता की है। सांसद ने कहा कि सेना के किसी वाहन से मोटरसाइकिल पर जा रहे एक पिता-पुत्र की दुर्घटना होने के बाद मृत्यु हो गई और दुर्घटना के बाद सेना के वाहन से इन्हें ले जाया गया। इसके बाद चाचा और ओढानीयां गांव के मध्य सुनसान स्थान पर दोनों की पार्थिव देह को फेंक दिया गया। ऐसे अमानवीय कृत्य करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि पुलिस व रक्षा मंत्रालय को पूरे मामले से अवगत करवाया और कहा कि दिवंगतों के परिवार व मुस्लिम समाज के साथ विभिन्न समाजों के लोग अभी धरने पर वहां बैठे हैं। ऐसे में मामले में जल्द से जल्द सकारात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। वही हादसे के कई घंटो बाद भी शवों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। परिजनों और पुलिस के बीच समझौता नहीं हो सका। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी पर अडे़ हैं। जैसलमेर में सैंकड़ों लोग शवों के पास बैठकर धरना दे रहे हैं। घटना से ग्रामीणों में भारी रोष है। पोकरण क्षेत्र के ओढ़ाणियां - चाचा सड़क मार्ग पर यह धरना जारी है। आपको बता दें, कि रविवार को सेना के वाहन की टक्कर से बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। इसके बाद उसी वाहन से दोनों के इलाज की बात कहकर उन्हें ले जाया गया था, लगभग 25 किलोमीटर जाने के बाद शवों को ओढ़ाणियां - चाचा सड़क मार्ग के जंगल में फेंक दिया गया था। घटना की सुचना मिलने के बाद रात को कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद भी धरना स्थल पहुंच परिजनों से वार्ता करते हुए उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्जकर सेना के जवान आरोपियों की तलाश में जुट कर जांच शुरू कर दी है। पूरे प्रकरण की जैसलमेर एसपी डॉ अजयसिंह मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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