कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।

कोटा जंक्शन पर सोमवार देर रात एक इंजन के बेपटरी होने का मामला सामने आया है। जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंच गए और इंजन को रातों-रात ही वापस पटरी पर चढ़ाया गया। इस मामले में रेलवे प्रबंधन ने चालक को निलंबित भी कर दिया। प्रारंभिक तौर पर चालक की लापरवाही इंजन के बेपटरी होने के मामले में मानी गई है। साथ ही इस पूरे प्रकरण की जांच भी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार जोधपुर-भोपाल पैसेंजर ट्रेन से अलग होने के बाद एक इंजन प्लेटफार्म नंबर 3 पर खड़ा था। तभी अचानक यार्ड में जाने की जगह लाइन नंबर 5 में घुस गया। चालक भरत माली कुछ समझ पाता इससे पहले इंजन डेड एंड को तोड़ता हुआ पटरी से उतर गया। गनीमत रही कि इंजन की रफ्तार कम थी। इसके चलते इंजन ओएचई के खंभे से टकरा बाल-बाल बचा। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। ओएचई लाइन का खंभा टूट जाता तो, बिजली सप्लाई भी बाधित हो सकती थी। इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया और सभी घटनास्थल की ओर दौड़े। घटनास्थल के निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने दुर्घटना राहत ट्रेन (एमएफडी) बुलाने का निर्णय लिया। इसके बाद रात करीब 11:45 बजे हूटर बजाया गया। इसके बाद हाइड्रोलिक जैकों की मदद से इंजन उठाने का काम शुरू किया गया। इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है। इसके बाद ही क्लियर हो पाएगा कि चालक ने क्या बिना सिग्नल के ही इंजन को चला दिया था। रेलवे सूत्रों का कहना है कि अगर इंजन सिग्नल मिलने के बाद चलता तो दुर्घटना नहीं होती। यह सीधा यार्ड में चला जाता, लेकिन सिग्नल नहीं मिलने के कारण पॉइंट सेट नहीं थे। इसके चलते ही इंजन डेड एंड में घुस गया। जिसके चलते ही चालक पर कार्रवाई की गई है।