ब्यूरो रिपोर्ट।

राजधानी जयपुर जिले की तहसीलों में नामांतरण के पेंडिंग चल रहे मामले में जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने एक्शन लेते हुए सभी पेंडिंग नामांतरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। इसी के साथ ही सितंबर महीने में जारी किए गए नोटिस के बाद भी पेंडिंग नामांतरणों के कारण के बारे में भी जानकारी मांगी है। यह जानकारी जिले के सभी तहसीलदारों से मांगी गई है। जिला कलेक्टर का कहना है कि प्रदेश में नामांतरण खोलने की ऑनलाइन सुविधा होने के बाद भी इतने मामले पेंडिंग चल रहे हैं, इसे गंभीर स्थिति माना जा सकता है। आपको बता दें कि राजस्व विभाग ने आमजन की सुविधा के लिए नामांतरण की ऑनलाइन प्रक्रिया कर दी थी लेकिन इसके बावजूद भी लोग नामांतरण के लिए तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। नियमों के मुताबिक नामांतरण तस्दीक होने के दिन ही लॉक होना चाहिए लेकिन तस्दीक़ होने के 1 महीने के बाद भी तहसीलदारों के पास नामांतरण लॉकिंग होने के लिए पड़े रहते हैं। इसी मामले में जिला कलेक्टर ने जिले की 9 तहसीलों के 1213 मामले पेंडिंग होने के बाद नोटिस जारी किए थे।