ब्यूरो रिपोर्ट।

26 सितंबर को हुई रीट परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप के दौर चल रहे हैं। शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने यहां तक कह दिया कि पेपर आउट करने की बात करने वाले भाजपा नेताओं को अंदर कर देना चाहिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब इन्हें पेपर आउट होने का पता लग गया था तो भी वे दोषी है। पुलिस इन सभी को बुलाकर पूछताछ करें। डोटासरा ने कहा कि वह कौन होते हैं ये तय करने वाले कि पेपर आउट हो गया, भर्ती रद्द करो। उन्होंने न तो उन्होंने परीक्षा कराई है और ना ही वे यह तय करेंगे कि क्या करना है। जयपुर के आदर्श नगर स्थित महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा राज्यमंत्री डोटासरा ने किरोड़ी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दो आदमी और चार पांच छोरे शहीद स्मारक जाते हैं। पेपर होने के 2 दिन बाद होश आता है और फिर भर्ती रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रीट के दौरान नकल में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्यवाही जारी है, फिर भी अगर किरोड़ी लाल मीणा को कोई समस्या है तो वह मुझसे और मुख्यमंत्री से भी मिल सकते हैं लेकिन उन्हें युवाओं को भ्रमित नहीं करना चाहिए।

 उधर डोटासरा के बयान पर राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सरकार भले ही उन्हें जेल में डाल दें, उनके पास रीट पेपर लीक के पक्के सबूत है और जल्दी ही वे इस स्कैम का खुलासा करेंगे। पेपर लीक प्रकरण में सरकार के कई बड़े नेता भी जांच के दायरे में आएंगे। जब सबूतों को सार्वजनिक करूंगा तो सरकार दुविधा जाने की स्थिति में आ जाएगी और अंदर तक हिल जाएगी। किरोड़ी बोले कि रीट, एसआई और जेईएन भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर तक स्कैम हुआ है। यह पूरी तरह से सुनियोजित है और जब तक सरकार बेरोजगारों के हित में उचित फैसला नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने डोटासरा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आपने जिस तरह से मुझ पर व्यक्तिगत छींटाकशी की है, उससे मुझे दुख जरूर हुआ है लेकिन इससे बेरोजगारों के प्रति मेरा समर्पण रत्ती भर भी कम नहीं होगा। बेरोजगारों के लिए मेरा आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा जब तक प्रदेश के युवाओं को न्याय नहीं मिल जाएगा। मैं शहीद स्मारक पर धरने पर बैठा रहूंगा।