भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
भरतपुर एसीबी की टीम ने डीग थाना प्रभारी को 3 हजार 500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
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डीग थाना प्रभारी ने झगड़े के मामले में पीड़ित पक्ष से 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। लेकिन पीड़ित पक्ष ने 5 हजार रुपये में सौदा तय कर लिया। इसके बाद पीड़ित पक्ष को रिश्वत के पैसे देने के लिए बुलाया। लेकिन परिवादी से चौकी प्रभारी ने सिर्फ 3 हजार 500 रुपये लिए बाकी के 1 हजार 500 रुपये उसे लौटा दिए। इतने में एसीबी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डीग चौकी प्रभारी श्यामसुन्दर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। डीग के भुटागेट निवासी परिवादी राधारमन ने 13 सितंबर को एसीबी से शिकायत की थी। उसके मुताबिक उसके परिवार के लोगों के खिलाफ डीग थाने में एक मामला दर्ज है। इसकी तफ्तीश डीग चौकी प्रभारी श्याम सुन्दर सब इंस्पेक्टर कर रहा है। श्याम सुंदर झगड़े के मामले से धारा 354 हटाने और राधारमन के बेटे श्याम पवन का नाम निकालने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। राधारमन ने बताया कि उसने सब इंस्पेक्टर से 5 हजार रुपये में सौदा तय कर लिया।इसके बाद ACB ने शिकायत का सत्यापन करवाया। जिस पर सब इंस्पेक्टर ने परिवादी को 11 अक्टूबर को रिश्वत देने के लिए बुलाया सब इंस्पेक्टर के प्लान के अनुसार राधारमन ने सबसे पहले पैसे एक ब्रोकर जितेंद्र को दिए। 5 हजार रुपये में से जितेंद्र ने 1 हजार 5 सौ रुपये राधारमन को लौटा दिए। इतने में ACB ने जितेंद्र को ट्रैप कर लिया। एसीबी ने इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी सब इंपेक्टर श्याम सुंदर को बनाया है। फिलहाल एसीबी ने एसआई श्याम सुंदर और चौकी में प्राइवेट तौर पर काम रहे रहे जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।दोनों से पूछताछ जारी है।

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