उदयपुर भगवान प्रजापत।
उदयपुर शहर के मोती मगरी स्थित महाराणा प्रताप स्मारक पर बुधवार को मेवाड़ ट्रेल का समापन हुआ। मेवाड ट्रेल 550 किलोमीटर का सफर उदयपुर पहुंची थी। समापन समारोह में महाराणा प्रताप स्मारक समिति के अध्यक्ष लक्ष्यराज सिंह मेवाड बिग्रेडियर शेखर सहित सेना से जुड़े कई लोग मौजूद थे। इस मौके पर सभी मेवाड़ ट्रेल के सभी सदस्यों का सम्मान किया गया। मेवाड़ ट्रेल उन एतिहासिक जगहों से होकर गुजरी जहां पर युद्ध हुए थे। मेवाड़ ट्रेल एक पैदल आधारित अभियान था जिसे ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट की 9वीं बटालियन द्वारा चलाया जा रहा था। जो मेवाड़ की तत्कालीन रियासत में अपनी उपस्थिति दिखाता है। यह बटालियन के लिए एक गौरव की बात है कि स्वर्णिम विजय वर्ष के अवसर पर बटालियन उदयपुर में मौजूद है। इस अभियान के द्वारा मेवाड़ क्षेत्र के सभी वीर सैनिकों की वीरता, बलिदान और त्याग भावना को याद किया गया। अभियान में 2 महिला अधिकारियों सहित कुल 70 सैनिकों ने भाग लिया। इस अभियान में दल अपने पूरे युद्ध साजो-सामान के साथ आगे बढ़ा और क्रांस कंट्री की यात्रा की। रास्ते में सैनिकों ने स्थानीय लोगों से बातचीत भी की और 1971 के जंग के बारे में बताया। इस अभियान के सदस्य युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित करने के लिए विद्यालय एवं महाविद्यालय के छात्रों से मिले। यह अभियान भारतीय सेना की डेजर्ट कोर और बैटल एक्स डिविजन के द्वारा चलाया गया। इस मौके पर मेवाड़ में सेना से रिटायर्ड हुए चयनित लोगों का सम्मान किया गया।
मेवाड़ ट्रेल के सदस्यों का हुआ सम्मान।
मेवाड़ ट्रेल में 2 महिला अधिकारियों सहित 70 सैनिकों ने भाग लिया। सभी सदस्यों का महाराणा प्रताप स्मारक समिति के अध्यक्ष लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की ओर से प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इस मौके पर उन्होने सेना के जवानों का हौंसला बढ़ाते हुए भारत माता के जयकारे भी लगाए। मेवाड ने कहा कि ट्रेल के सफर से सेना के गौरव से रूबरू होने का लोगों को मौका मिला हैें।

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