हनुमानगढ़ से विश्वास कुमार की रिपोर्ट।

हनुमानगढ़ जिले के प्रेमपुरा गांव में दलित युवक की हत्या के मामले में सियासत गर्मा गयी है और पुलिस ने जहां त्वरित कार्रवाई की बात कही है वहीं विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर दलितों पर अत्याचार मामले में चुप रहने के आरोप लगाए हैं। हनुमानगढ़ जिले के प्रेमपुरा गांव में चार दिन पहले दलित युवक की हत्या के मामले में रविवार को एसपी प्रीति जैन ने जंक्शन स्थित एसपी कार्यालय में प्रेस वार्ता की और बताया कि हत्यारोपी एक बालक को निरुद्ध कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और शेष अन्य 6 नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। हत्या के वायरल वीडियो में सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी । एसपी ने बताया कि मृतक के परिजनों को आज जिला कलक्टर द्वारा 412500 रुपयों की आर्थिक सहायता भी जारी की जा चुकी है। 

एसपी ने बताया कि प्रेम प्रसंग मामले में युवक का श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ से अपहरण कर हत्या कर उसके शव को प्रेमपुरा स्थित उसके घर के बाहर फेंककर आरोपी फरार हो गए थे। एसपी ने बताया कि मृतक और आरोपी पड़ोसी हैं और इसी प्रेम-प्रसंग के चलते मृतक की पत्नी ने मृतक पर घरेलू हिंसा का और हत्यारोपी मुकेश की पत्नी ने मुकेश पर घरेलू हिंसा के मामले भी दर्ज करवाये थे जिसके बाद दोनों परिवारों में विवाद बढ़ गया था। दलित युवक की हत्या के मामले में विपक्षी भाजपा और माकपा ने राज्य सरकार को घेरा है और आरोप लगाए की राज्य की कांग्रेस सरकार में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं और कांग्रेसी नेता यूपी में राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं। जबकि राजस्थान में दलित अत्याचार पर कांग्रेस नेता और राज्य सरकार पूरी तरह चुप है। फिलहाल प्रेमपुरा मामले में पुलिस त्वरित कार्रवाई के और शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के दावे कर रही है। इस घटना से विपक्षी दलों के निशाने पर राज्य सरकार और कांग्रेस नेता हैं। इस घटना में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के बयानों से सियासत भी गर्मा गयी है।