झालवाड से हरिमोहन चोडॉवत।
झालावाड़ जिले के झालरापाटन स्थित अति प्राचीन सूर्य मंदिर पर विजयादशमी के अवसर पर वर्षों पुरानी परंपरा के मुताबिक शुक्रवार को नई ध्वज पताका स्थापित की गई । ध्वज पताका को फहराने के लिए पहले विधि-विधान से पूजन किया गया। उसके बाद शहर के अर्जुन सोनी ने करीब 300 फीट ऊंचाई पर बिना किसी अतिरिक्त सुरक्षा संसाधनों के मंदिर शिखर तक चढ़कर धार्मिक ध्वज पताका को स्थापित किया। वर्षों से चली आ रही परंपरा के मुताबिक झालरापाटन के 11 वीं शताब्दी के बने अति प्राचीन सूर्य मंदिर पर विजयादशमी के अवसर पर परंपरा के मुताबिक नई ध्वज पताका स्थापित करने की परंपरा चली आ रही है।
इस अवसर पर आज सूर्य मंदिर परिसर में पहले नई ध्वज पताका का विधि-विधान से पूजन किया गया, फिर झालरापाटन निवासी युवक अर्जुन सोनी इस ध्वज को लेकर निकल पड़े मंदिर के शिखर की ओर, जिसकी ऊंचाई करीब 300 फिट से भी अधिक है। अर्जुन सोनी बीते कई वर्षों से लगातार विजयादशमी के अवसर पर सूर्य मंदिर पर ध्वज पताका को बदलने का कार्य करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी अर्जुन देखते ही देखते भय पैदा करने वाली ऊंचाई पर पहुंच गए और नई पताका को फहराया। परंपरा मुताबिक शिखर पर पहुंचकर वहां स्थापित झालर व घंटीया भी बजायी और सकुशल वापस नीचे आ गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्य मंदिर के आसपास जमा रहे और इस हैरतअंगेज कारनामे को देखकर दांतो तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए। हालांकि इस दौरान ढोलकी थाप और धार्मिक जयकारों से अर्जुन सोनी को प्रोत्साहित भी करते रहे। बाद में नीचे सकुशल उतरेेे अर्जुन का सूर्य मंदिर समिति केे सदस्यों ने अभिवादन भी किया। अर्जुन सोनी का कहना है कि वह यह कार्य किसी लाभ के लिए नहीं,बल्कि भगवान पद्मनाभ के आशीर्वाद के लिए करते हैं और जब तक जिंदा है तब तक प्रतिवर्ष ध्वज पताका फहराते रहेंगे।

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