शहर को इस बार फिर 23-24 अक्टूबर को रीट से भी बड़ी परीक्षा देनी है। क्योंकि इन दो दिनों में पटवारी भर्ती के लिए 68 हजार अभ्यर्थी एग्जाम देंगे। क्योंकि आरपीएससी ने नकल रोकने की वजह से धौलपुर समेत 10 जिलों को ब्लैक लिस्ट में रखने का फैसला किया है। इसलिए धौलपुर, करौली आदि जिलों के सेंटर भी भरतपुर को मिल सकते हैं। इसलिए परीक्षार्थियों की संख्या 80 हजार के आसपास पहुंच सकती है।
इतने अभ्यर्थियों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था करने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं/समाजाें और सरकार को आगे आना हाेगा। क्योंकि सभी 57 सेंटर भरतपुर में बनेंगे। शहर में हाेटल/धर्मशालाओं की संख्या 110 के करीब है। शहर के सामने चुनौती इसलिए भी है क्योंकि रीट परीक्षा में बाहर के अभ्यर्थियों को भरतपुर ने किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी थी।
परीक्षा प्रभारी राजकुमार ने बताया कि सोमवार 18 अक्टूबर को पटवारी परीक्षा के लिए अधिकतम संख्या और सेंटर तय होने की उम्मीद है। परीक्षा सुबह 8.30 से 11.30 बजे और दोपहर 2.30 से 5.30 बजे तक होगी। एक पारी में करीब 17 हजार यानी एक दिन में 34000 और दो दिन में 68000 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। एडीएम (प्रशासन) बीना महावर का मानना है कि यह परीक्षा 4 चरणों में है। इसलिए कोई खास परेशानी नहीं आएगी।
स्कूल-कॉलेजों को परीक्षा सेंटर में बदलने की तैयारी शुरू
पटवारी परीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने शहर के स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थाओं को परीक्षा केंद्रों में तब्दील करना शुरू कर दिया है। सभी केंद्र शहर और आसपास में ही बनाए जाएंगे। बता दें कि पिछले दिनों हुई रीट परीक्षा में ब्लॉक और तहसील स्तर पर भी परीक्षा केंद्र बनाए थे। तब परीक्षार्थियों को सेंटर ढूंढने और वहां तक पहुंचने में दिक्कतें आई थीं। इधर, पटवारी परीक्षा के दौरान होने वाली कॉलेज-यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। ब्रज विश्वविद्यालय के सहायक परीक्षा नियंत्रक डा. फरवट सिंह ने बताया कि पटवार परीक्षा को ध्यान रखते हुए 23 और 24 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी की कोई परीक्षा नहीं रखी है।

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