जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

बेरोजगार युवाओं की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने शुक्रवार को सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो आने वाले उपचुनाव में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। यदि फिर भी सरकार मांग नहीं मानती है तो हम उत्तर प्रदेश भी जा सकते हैं। बता दे, कि राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में बेरोजगारी ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। उपेन यादव भी बेरोजगारों की मांगों के लिए आमरण अनशन पर बैठ गए हैं और आज उनका दूसरा दिन था। उपेन यादव ने कहा रीट और एसआई भर्ती की सीबीआई जांच कराने और 23 फरवरी को सरकार से हुए लिखित समझौते को लागू करने की मांग प्रमुख है। यादव ने कहा कि 21 सूत्रीय मांग पत्र सरकार के सामने रखा गया है। अब वार्ता के लिए कहीं नहीं जाएंगे। यदि सरकार को बात करनी है तो वह खुद अपने प्रतिनिधि शहीद स्मारक भेजेगी तभी वार्ता होगी। इससे पहले कई बार मुख्यमंत्री, मंत्रियों व अन्य सरकार के प्रतिनिधियों से वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई परिणाम सामने नहीं आया है। यादव ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है तो वल्लभनगर और धरियावद उपचुनाव में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही यूपी की राह भी खुली है, हम वहां भी जा सकते हैं। इस दौरान उपेन यादव ने पुलिस प्रशासन पर भी भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हमने गुरुवार को आमरण अनशन शुरू किया तो हमें टेंट नहीं लगाने दिया। इसके अलावा शहीद स्मारक पर और भी धरने चल रहे हैं और उन्हें टेंट लगाने की परमिशन दे दी गई है। यादव ने कहा कि धूप में तेजी है, इसलिए हम धूप में नहीं बैठ सकते चाहे पुलिस हम पर लाठीचार्ज भी करें इसके बावजूद भी हम टेंट जरूर लगाएंगे।