विश्वास कुमार की हनुमानगढ से रिपोर्ट।
श्रीगंगानगर के विवेक आश्रम,बाल कल्याण समिति एव पुलिस अधीक्षक पर हनुमानगढ बाल कल्याण समिति ने गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यशैली पर सवाल उठाए है। मामला 2009 का जिसमे एक गुमशुदा बच्चे को हनुमानगढ बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चे को श्रीगंगानगर के विवेक आश्रम में भेज दिया गया था।लेकिन 12 साल बाद 1 अक्टूबर को आश्रम व श्रीगंगानगर बाल कल्याण समिति ने बिना जांच पड़ताल किये व हनुमानगढ बाल कल्याण समिति के बिना सज्ञान में लाये बच्चे को उसके कथित परिजनों को सौंप दिया। ये सब आरोप आज हनुमानगढ बाल कल्याण समिति ने पत्रकार वार्ता कर विजय सिंह चौहान व प्रेमचंद शर्मा ने लगाए।
सदस्य प्रेम चंद शर्मा ने बताया कि इस बाबत श्रीगंगानगर एसपी व बाल कल्याण समिति श्रीगंगानगर को भी पत्र लिखा जा चुका है।लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नही हुई है।अब हनुमानगढ समिति सदस्यों द्वारा आश्रम पर एफआईआर करवाने की तैयारी की जा रही है।आरोप ये भी की बच्चा श्रीगंगानगर अधिकारियों के घरों में भी काम करता रहा है।इस पूरे मामले की जांच हो तो कई बड़े खुलासे हो सकते है।क्योकि सवाल कई है कि बिना हनुमानगढ बाल कल्याण समिति के संज्ञान में मामला लाये कैसे आश्रम व श्रीगंगानगर बाल कल्याण समिति ने बच्चा कथित परिजनों को सौंप दिया गया।दूसरी बड़ी बात की बच्चे को कौन अधिकारियों के घर पर भेजता था।क्यो इतने साल बाद आनन-फानन में बच्चा कथित परिजनों को सौंप दिया गया।

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