ब्यूरो रिपोर्ट।
प्रदेश में कोरोना के लगभग विदा होने के साथ ही डेंगू, स्क्रब टायफस और चिकनगुनिया का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। मरीजों की बढ़ती तादाद के आगे चिकित्सा व्यवस्था फेल साबित हो रही है। इन बीमारियों से मरीजों और मौतों का बढ़ता आंकड़ा चिकित्सा विभाग के लिए चुनौती बन गया है। राजधानी जयपुर में स्थित प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले मरीजों की जांच में पिछले 24 घंटे में ही डेंगू के 50 मरीज मिले हैं। इनमें से एक का दम टूट गया। दूसरी ओर स्क्रब टायफस के 30 मरीज मिले हैं। ऐसे में चिकित्सा विभाग के इंतजाम के साथ ही नगर निगम की ओर से फोगिंग करने के दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आपको बता दें कि सवाई मानसिंह अस्पताल में इस साल के दौरान अब तक डेंगू के 400 मरीज मिल चुके हैं, इनमें से 18 की मौत हो चुकी है। अकेले अक्टूबर में 21 दिन के दौरान डेंगू के सर्वाधिक 170 मरीज मिल चुके हैं, जिनमें से 8 की मौत हो चुकी है। डेंगू युवाओं और बुजुर्गों के साथ बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। बच्चों के जेकेलोन अस्पताल में इस साल अब तक डेंगू का आंकड़ा 100 के पार हो गया है। इनमें से डेंगू से पीड़ित 4 बच्चों की मौत हो चुकी है। जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर अरविंद शुक्ला के अनुसार एलाइजा जांच में डेंगू के 100 से अधिक बच्चे पॉजिटिव मिले हैं। हालांकि अस्पताल ने यह भी दावा किया है कि भर्ती होने वाले बच्चों में ज्यादातर ठीक होकर जा रहे हैं। एस एम एस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी के अनुसार डेंगू के लिए प्रताप नगर स्थित आरयूएचएस अस्पताल को डेडीकेटेड सेंटर बनाया गया है। यहां पर जांच के साथ ही डॉक्टरों की टीम को भी तैनात किया गया है।

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