ब्यूरो रिपोर्ट।

प्रदेश में आवासीय और व्यावसायिक पट्टे वितरण की दिशा में सबसे बड़े प्रशासन शहरों के संग अभियान में पिछले 20 दिन के दौरान कोई सार्थक नतीजे नहीं आने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने गुरुवार को इस अभियान की रिव्यू मीटिंग के दौरान सबसे ज्यादा नाराजगी स्वायत्त शासन सचिव भवानी सिंह देथा और नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव कुंजी लाल मीणा के काम को लेकर दर्शाई। उन्होंने देथा और मीणा से यहां तक कह दिया कि इतने बड़े अभियान के लिए आप दोनों ने कुछ भी नहीं किया। लाखों लोगों के अभियान को आप दोनों ने मजाक बनाकर रख दिया है और यही कारण है कि इस अभियान की शुरुआत के 20 दिन बाद भी कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आए। गहलोत ने प्रदेश के मुख्य सचिव निरंजन आर्य को तत्काल आदेश दिए कि आप इन दोनों अफसरों के काम की रोज मॉनिटरिंग करें। हमें हर हाल में लक्ष्य के अनुसार लोगों को पट्टा वितरण और अन्य समस्याएं समाधान करने की दिशा में प्रगति रिपोर्ट चाहिए। गहलोत ने मीटिंग के दौरान स्पष्ट कहा कि अब कोई बहाने नहीं चलेंगे। इसी बीच यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल धारीवाल ने कहा कि सभी जिला कलेक्टरों को जयपुर बुलाकर अभियान के लिए लक्ष्य दिए जाएंगे। मीटिंग में अफसर बीच-बीच में कहते रहे कि बड़ी संख्या में पद रिक्त चल रहे हैं 9 दिन छुट्टियों में चले गए लेकिन मुख्यमंत्री गहलोत ने उनकी एक नहीं सुनी और कहा कि पद खाली है तो भरो। 30 अक्टूबर तक खाली पदों को भरकर हर हाल में अभियान को गति मिलनी चाहिए। आपको बता दें कि इससे पहले भी यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने ग्रेटर नगर निगम मुख्यालय में चल रहे शिविर का औचक निरीक्षण करने के दौरान पट्टे वितरण में कई अनियमितताएं पाई थी और नाराजगी दर्शाते हुए 2 कर्मचारियों को सस्पेंड और दो कर्मचारियों को 16 और 17 सीसी के नोटिस थमाए थे।