ब्यूरो रिपोर्ट
राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट कर्नाटक के दौरे पर हैं। उन्होंने वहां केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।इस मौके पर पार्टी में उनकी स्थिति के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस आलाकमान तय करेगा कि राजस्थान में कौन क्या होगा। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा है कि राजस्थान में कौन अध्यक्ष होगा, कौन मंत्री, कौन मुख्यमंत्री होगा, इस पर कांग्रेस आलाकमान को फैसला लेना है, साथ ही राजस्थान में 25 साल से कोई सरकार रिपीट क्यों नहीं हो रही है, इस पर भी काम करना होगा। राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत की तबीयत खराब होने के कारण कैबिनेट विस्तार या पुनर्गठन की अटकलों पर विराम लगा हुआ था। एक बार फिर यही चर्चाएं चल रही हैं कि राजस्थान में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। साथ ही सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष या कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की भी चर्चा है। सचिन पायलट से बेंगलुरू में मीडिया ने राजस्थान के कैबिनेट विस्तार और उनके भविष्य को लेकर सवाल पूछा गया तो पायलट ने कहा कि राजस्थान में कौन क्या बनेगा, किसे क्या पद मिलेगा, कौन पार्टी का अध्यक्ष होगा, कौन मंत्री बनेगा और कौन मुख्यमंत्री बनेगा, इसका फैसला कांग्रेस का दिल्ली आलाकमान करेगा। जिसका सबको इंतजार करना चाहिए।
पायलट के इस बयान से मचा घमासान
पायलट के इस बयान ने हर किसी को चौंका दिया। क्योंकि राजस्थान में भले ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन न तो राजस्थान में मुख्यमंत्री का पद खाली है और न ही प्रदेश अध्यक्ष का। फिर सचिन पायलट ने यह क्यों कहा कि कौन प्रदेश अध्यक्ष बनेगा और कौन मुख्यमंत्री, यह कांग्रेस आलाकमान तय करेगा। पायलट ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही अटकलों पर कहा कि एआईसीसी के साथ मुख्यमंत्री की चर्चा हो चुकी है। सचिन पायलट ने कहा कि हम अजय माकन के संपर्क में अजय माकन राजस्थान के इंचार्ज हैं। उनके साथ कई चरणों की बातचीत हो चुकी है। माकन ने राजस्थान के विधायकों और नेताओं के साथ कई बार इस मसले पर बात कर ली है। पायलट ने कहा कि पिछले साल एक कमेटी बनी थी उसमें से अहमद पटेल का निधन हो चुका है। लेकिन बाकी दो मेंबर हमारे संपर्क में हैं। मैंने जो कुछ कहा उससे महत्वपूर्ण यह है कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार बेहतर काम कैसे करे।राजस्थान में सरकार रिपीट क्यों नहीं होती। पायलट ने दोहराया कि पिछले 25 साल से राजस्थान में सरकार रिपीट नहीं हो पा रही है। राजस्थान कांग्रेस का मजबूत राज्य है, ऐसे में हमारे लिए महत्वपूर्ण यह है कि हम हर चुनाव में जीत दर्ज करें। इसी को लेकर जो विचार मेरे थे, वह मैंने आलाकमान के सामने रखे और कांग्रेस अध्यक्ष ने इस पर संज्ञान लेते हुए कमेटी बनाई थी। पायलट ने कहा कि महत्वपूर्ण यह है कि कैसे हमारी सरकार ऐसे काम करे कि पार्टी का हर कार्यकर्ता अपने आप को सरकार का हिस्सा समझे।
कार्यकर्ता को सत्ता में मिले भागीदारी
सचिन पायलट ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को सरकार में भागीदारी दी जानी चाहिए। हम सोचते हैं कि इसी तरीके से दोबारा हम सरकार में आ सकते हैं। राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाए जाने या गुजरात का प्रभारी बनाए जाने के सवाल पर पायलट ने कहा कि मैं ऐसी अटकलों का कोई जवाब नहीं देना चाहता। आज अलग-अलग जगह अलग-अलग बातें चल रही हैं, हमें कांग्रेस आलाकमान के निर्णय का इंतजार करना चाहिए।
कांग्रेस में हर किसी को अपनी बात रखने का हक
सचिन पायलट ने कहा कि कमेटी को बने 1 साल से ज्यादा का समय हो चुका है। जो कमेटी बनी थी उसकी कई बार चर्चा हो चुकी है। सरकार और पार्टी को मिलकर काम करना होगा, ताकि 2023 में दोबारा सरकार रिपीट हो। पायलट ने कहा कि हमारे पास राजस्थान में फुल मेजॉरिटी है लेकिन हमें 'दोबारा सरकार कैसे बने' इसके लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, हम जो भी कहते हैं वह पार्टी के हित के लिए होता है। उन्होंने कहा कि पार्टी का नेतृत्व, सरकार और संगठन कैसे मजबूत हो, यही मेरी प्राथमिकता रहती है। मैं राजस्थान कांग्रेस का अध्यक्ष 7 साल तक रहा, हमने राजस्थान में उपचुनाव, लोकसभा चुनाव, नगरपालिका और पंचायत चुनाव तक में अच्छा प्रदर्शन किया। पायलट ने कहा कि चुनाव केवल विधानसभा-लोकसभा के नहीं बल्कि पंचायत से लेकर अन्य छोटे चुनाव भी जनता के चुनाव होते हैं। उन चुनावों में अगर पार्टी के लोग मजबूत होंगे तो पार्टी खुद ही मजबूत हो जाएगी। मुझे लगता है कि आने वाले समय में न केवल राजस्थान में, बल्कि पूरे देश में पार्टी को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि 2024 में लोकसभा चुनाव में हम जीत सकें।


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