प्रतापगढ़ से चंचल सनाढ्य।

प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट उपखंड क्षेत्र की जामली पुलिया पर अपनी जान जोखिम में डाल कर लोग नदियां को पार करने के लिए मजबूर हो रहे है। क्षेत्र के ग्रामीणों को रोजाना जान जोखिम में डालकर जामली पुलिया पार करनी पड़ती है। बरसात के मौसम में पानी का बहाव अधिक रहने पर खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई किसानों की जमीन नदी के उस पार है और जमली गांव को उपखंड मुख्यालय से भी यही पुलिया जोड़ती है। ऐसे में लोगों को जान जोखिम डाल कर पुलिया पार करनी पड़ती है। बारिश के मौसम में बड़ी मुश्किल से नदी पार कर उपखंड मुख्यालय तक पहुंच पाते हैं। क्षेत्र के लोग दुपहिया वाहन को टूटी हुई पुलिया से बड़ी जद्दोजहद के बाद पार कर पाते है। इस पुलिया की बदहाली के चलते जामली ग्राम पंचायत के लोगों को अरनोद और जिला मुख्यालय तक आने जाने में इस पुल पर खतरों का सफर तय करना पड़ता है। पिछली बरसात में ही क्षतिग्रस्त हुई पुलिया के निर्माण पर ध्यान नहीं देने के कारण अब क्षेत्र के लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया पर दो पहिया वाहनों को निकालते समय कई बार यहां हादसे भी हो चुके है। आपात स्थिति में लोगों के सामने कई तरह की परेशानियां खड़ी हो जाती है। पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने और इसे दुरस्त करवाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार ग्रामीणों ने अवगत कराया। लेकिन ग्रामीणों की इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।