श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर।
देश में लगातार बढ़ती जनसंख्या के चलते न केवल देश का आर्थिक विकास रुक गया है। बल्की भौतिक संसाधनों की भी लगातार कमी होती जा रही है।ऐसे में देश में जनसंख्या संतुलन बनाने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जरूरी है। श्रीगंगानगर में रविवार को जनसंख्या समाधान फाउंडेशन द्वारा देश में बढ़ती जनसंख्या को रोकने व इसके लिए कानून बनाने के लिए जागरूकता अभियान के तहत सम्मेलन का आयोजन किया गया। जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष नारायण राम चौधरी ,प्रदेश संरक्षक ज्ञानदेव आहूजा व जिलाध्यक्ष डॉ बृजमोहन सहारण ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की मंशा के अनुरूप यह जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है । इस अवसर पर आयोजित सम्मेलन में बताया गया कि विश्व का 2.4 प्रतिशत भू भाग भारत में उपलब्ध है। परंतु अफसोस कि विश्व की लगभग 18% जनसंख्या भारत में रहती है। इस कारण इस देश के प्राकृतिक संसाधन लगातार कम होते जा रहे हैं। वहीं आबादी के इस भयानक विस्फोट के चलते यहां के सामाजिक आर्थिक व पर्यावरणीय परिस्थितियां विस्फोटक होती जा रही है।ऐसे में देश लगातार अराजक स्थिति की ओर जा रहा है।जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर अपने 10 सूत्रीय मांग पत्र के तहत सम्मेलन में भारत और राज्य सरकारों से जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग की गई साथ ही कहा गया कि जिस भी परिवार में 2 से अधिक बच्चे हो उनको राजकीय सहायता एवं अन्य सुविधाएं न दी जाए। इसके अलावा भी 9 सूत्री मांग पत्र में जनसंख्या रोकने के लिए कानून बनाने के अलग अलग विषयों को उठाया गया है। इससे पूर्व आयोजित पत्रकार वार्ता में ज्ञानदेव आहूजा ने कहा कि देश में लगातार धार्मिक दृष्टि से भी देखें तो आबादी का असंतुलन बढ़ता जा रहा है।कई राज्यों में मुस्लिम आबादी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि उस इलाके के संसाधनों पर एक मात्र कब्जा उन्हीं का हो गया है। ऐसे में देश में मुस्लिम आबादी में बढ़ती आबादी चिंता का विषय है।


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