उदयपुर से भगवान प्रजापत की रिपोर्ट
राज्य सरकार के निर्देश के बाद उदयपुर में भी बुधवार को कक्षा 9 से 12 तक विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोल दिये गये है। स्कूलों के खुलने के बाद जब विद्यार्थी स्कूल पंहुचे तो उनके चेहरे पर मुस्कराहट थी। लम्बे इंतजार के बाद बुधवार को विद्यार्थी विद्यालय जा पाए। विद्यार्थियों के विद्यालय पंहुचने के बाद सबसे पहले उनके तापमान की जांच की गई उसके बाद सभी को सेनेटाइज करने के बाद स्कूल में प्रवेश दिया गया। अध्यापकों ने भी विद्यार्थियों का गर्म जोशी से स्वागत किया।
जिले के 982 स्कूल खुले, ऑनलाइन, ऑफलाइन मोड पर हो सकेगी पढाई
उदयपुर मे जिले में निजी एंव सरकारी दोनों मिलाकर 982 विद्यालय ऐसे है। जंहा पर कक्षा 9 से 12 तक विद्यार्थी पढाई करते है। अब उन स्कूलों को खोल दिया गया है। इन स्कूलों में 2 लाख 50 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पढते है। अब विद्यालय खुलने के बाद ऑनलाइन, ऑफलाइन दोनों ही मोड पर पर पढ पाएगें। विद्यालय आने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य नही किया जा सकता। परिजनों की अनुमति के बाद ही विद्यार्थियों को विद्यालय में आने की अनुमति दी जाएगी।
सरकार ने कम किया 30 फीसदी सिलेबस
कोरोना महामारी को देखते हुए राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के सिलेबस को कम करने की घोषणा की है। शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि लंबे समय से कोरोना संक्रमण की वजह से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर गयी थी। ऐसे में छात्रों और शिक्षकों पर दबाव न बने, इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने 30 प्रतिशत कोर्स में कटौती करने का फैसला किया है। इसके लिए जल्द ही आदेश भी जारी किये जाएगे। आने वाले दिनो में स्कूलों में 70 प्रतिशत सिलेबस ही पढाया जाएगा। हर महीने मूल्यांकन करने का विभाग
कोरोना की तीसरी लहर की आंशका के चलते शिक्षा विभाग ने एक नया फार्मूला जारी किया है। इसके तहत विद्यालयो में हर माह टेस्ट लिया जाएगा ताकि भविष्य में अगर विद्यार्थियों की परीक्षा नही होती है तो टेस्ट के आधार पर नम्बर दिये जा सकें। शिक्षा विभाग जल्द ही हर महीने होने वाले टेस्ट का प्रारूप तैयार कर लेगा। इसे अगले महीने से मूर्त रूप दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन का इंतजार।
कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के स्कूल खुलने के बाद अब राज्य सरकार को केन्द्र सरकार की गाइडलाइन का इंतजार है। प्राइमरी स्कूल खोलने के लिए राज्य सरकार केन्द्र सरकार की ओर से मिलने वाले दिशा-निर्देश के बाद तैयारी शुरू करेगी। उससे पहले प्रदेश के चिकित्सा विभाग और मुख्यमंत्री स्तर पर भी चर्चा होगी।


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