राजस्थान हाई कोर्ट ने फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म जौली एलएलबी- 2 के ट्रेलर से जुड़े एक मामले में उनके खिलाफ एसीएमएम कोर्ट के प्रसंज्ञान आदेश को रद्द कर दिया है। इस मामले में जयपुर के सांगानेर की तत्कालीन एसीएमएम कोर्ट मे अधिवक्ता टीकमचंद के प्रार्थना पत्र पर 6 फरवरी 2017 को प्रसंज्ञान लिया था।
इसमें अधिवक्ता की ओर से कहा गया था कि फिल्म के ट्रेलर में वकीलों के साथ कानूनी प्रक्रिया पर अशोभनीय टिप्पणी की है इससे वकीलों की छवि धूमिल हुई है और उनकी मानहानि हुई है। अब हाई कोर्ट के न्यायाधीश सतीश कुमार शर्मा ने इस प्रसंज्ञान आदेश को रद्द करते हुए कहा कि अधीनस्थ कोर्ट ने मामले से संबंधित तथ्यों पर गौर से विचार नहीं किया। इस मामले में अभिनेता अक्षय कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा था कि अधीनस्थ कोर्ट को उसके खिलाफ समन जारी करने से पहले मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए था।
अधीनस्थ कोर्ट ने फिल्म के ट्रेलर से जुड़े सभी तथ्यों और कानूनी पहलुओं को नहीं देखा। उन्होंने कहा था कि फिल्म रिलीज से पहले मुंबई हाई कोर्ट के निर्देश पर गठित की गई है कमेटी ने फिल्म की सीन देखे थे और कुछ दृश्यों को डिलीट भी कर दिया था। इसके बाद ही सेंसर बोर्ड ने फिल्म को रिलीज करने का निर्देश दिया था। उनकी शिकायतकर्ता वकील या फिर वकील समुदाय के प्रति कोई गलत धारणा नहीं है, इसलिए प्रसंज्ञान आदेश को रद्द किया जाना चाहिए। इस पर न्यायाधीश सतीश कुमार शर्मा ने अधीनस्थ कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। आपको बता दें कि इससे पहले हाईकोर्ट ने दिसंबर 2017 में अभिनेता अक्षय कुमार के खिलाफ प्रसंज्ञान की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
ब्यूरो रिपोर्ट।



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