श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर
राज्य के ऊर्जा, जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी एवं भू-जल, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग एवं जिले के प्रभारी मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला ने मंगलवार को सूरतगढ स्थित पंचायत समिति के सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक ली।प्रभारी मंत्री डाॅ. बी.डी.कल्ला ने कोविड-19 की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को पीडियाट्रिक व्यवस्थाएं रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हर ब्लाॅक हेडक्वार्टर पर बच्चों के लिये बेड की व्यवस्था रखी जाये। सीएमएचओ डाॅ. गिरधारी लाल ने बताया कि श्रीगंगानगर में चार एक्टिव केस हैं तथा आक्सीजन बेड और जीवन रक्षक दवाईयां उपलब्ध हैं। आक्सीजन कंसट्रेटर 808 है इसी तरह पूर्व में वेंटिलेटर 29 थे और अभी 9 अन्य वेंटिलेटर रिजर्व में रखे गये हैं, 661 आक्सीजन बेड पूर्व में थे तथा 110 और बढ़ाये गये है।प्रभारी मंत्राी ने कहा कि जन प्रतिनिधियों से राय लेकर उनके निर्वाचन क्षेत्र में आ रही समस्याओं को दूर करें। विधायक कोटे से एम्बुलेंस या अन्य सुविधाओं का लाभ लें। उन्होंने कहा कि वेंटिलेटर के साथ ही बाईपैप की व्यवस्था अवश्य रखें।20 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा के तहत स्वयं सहायता समूहों के गठन पर विस्तार से चर्चा की तथा निर्देशित किया कि इस कार्य में ए श्रेणी लाने का प्रयत्न करें। सीईओ जिला परिषद अशोक कुमार मीणा ने बताया कि नरेगा में जिले की पोजिशन तीसरी है एवं वर्तमान में एक लाख 340 लेबर कार्यरत है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि नरेगा श्रमिकों से नहरों की सफाई आदि कार्य भी अवश्य करायें। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, विधुत विभाग एवं पीएचईडी से 20 सूत्री कार्यक्रम में उनकी परर्फोमेंस सुधारने पर निर्देश प्रदान किये। उन्होंने कहा कि 2013 तक भारत सरकार रेगिस्तानी क्षेत्र में शत-प्रतिशत अनुदान देती थी, जो अब घटकर 35 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को इस संकट की स्थिति से निकालने का कार्य केन्द्र सरकार अवश्य करे। पीएचईडी विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस साल के कार्यों के वर्क आॅर्डर जारी कर दिये गये हैं। 98 प्रतिशत आंगनबाड़ी और स्कूलों को पेयजल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है। बीस सूत्राी कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास, आंगनबाड़ी को ए ग्रेड मिला है ।


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