उदयपुर से भगवान प्रजापत

उदयपुर शहर से सटे बेदला गांव की एक रिहायशी कॉलोनी में देर रात जरख नजर आया, जिसके बाद अब कॉलोनी वासियों में भी भय है। स्थानीय जनप्रतिनिधि ने भी वन विभाग को सूचित कर वन्यजीव के मूवमेंट की जानकारी दी है।जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे लकड़बग्घा (जरख) बेदला की प्रियदर्शनी नगर में घुसा। इस दौरान चौकीदार ने तेंदुए का बच्चा समझकर उसे भगाने की कोशिश की और पीछा किया तो लकड़बग्घा तेजी से जंगलो से होता हुआ बेदला नदी की ओर भाग गया।स्थानीय निवासी राजेन्द्र सिंघवी ने बताया कि देर रात ओपी महात्मा के घर पास मुख्य गली से होता हुआ जरख अंदर आया और काफी देर में इधर-उधर भोजन की तलाश में घूमता रहा। इस दौरान चौकीदार जगदीश ने जरख को देखा। पहले जगदीश ने भी उसे आवारा श्वान समझकर भागने की कोशिश की। मगर थोड़ा पास में जाने पर वह तेंदुए के बच्चे की तरह नजर आया। जगदीश ने लकड़ी बजाते हुए तेज चिल्लाकर उसे भागने की कोशिश की। इस दौरान जरख गली से होता हुआ आगे की तरफ भागता रहा। गली में ओपी महात्मा के घर के बाहर सीसीटीवी कैमरों में भी जरख की यह हरकत कैद हुई है। जहां वो पीछे एक गाड़ी के हेडलाइट को देखकर तेजी से आगे जंगलो की तरफ भाग गया । इधर जरख की मूवमेंट के दो दिन बाद क्षेत्रवासियो ने बड़गांव उपप्रधान प्रताप सिंह राठौड़ को सूचना दी है। राठौड़ ने क्षेत्रवासियो से बातकर वन विभाग के आला अधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी दी है। राठौड़ ने बताया कि कॉलोनी बेदला नदी के जगंलों से सटी हुई है, ऐसे में शिकार के लिए जरख कॉलोनी में घुस आया होगा। हालांकि इससे पहले कभी कॉलोनी में कोई वन्य जीव नहीं दिखा। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में बड़ी संख्या में बच्चे घरों के बाहर खेलते हैं, ऐसे में वन विभाग को इसके लिए कड़े कदम उठाकर जरख को पकड़ कर कहीं और छोड़ना चाहिए।