मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच शैक्षणिक संस्थान खोलना बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। इस बारे में राज्य सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं करेगी।


 इस बाबत मुख्यमंत्री ने सोमवार को नीति आयोग के सदस्य और कोविड वैक्सीनेशन पर बनी राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष डॉ वी के पाल से भी चर्चा की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने ये उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस बारे में जल्द ही गाइडलाइन जारी करेगी। उसी के अनुसार शैक्षणिक संस्थान खोलने का निर्णय लिया जाएगा। गहलोत ने कहा कि कोरोना का मिजाज अभी कैसा रहेगा, 

इसका अनुमान लगाना बहुत ही मुश्किल है। सरकार गाइडलाइन जारी होने के बाद विशेषज्ञों की राय और अभिभावकों की भावनाओं के अनुरूप जल्द ही निर्णय लेगी। आपको बता दें कि इससे पहले शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने पिछले दिनों 2 अगस्त से प्रदेश में शैक्षणिक संस्थान खोलने की बात कही थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने उनसे नाराजगी भी जताई थी।

ब्यूरो रिपोर्ट।