कोटा से हँसपाल यादव
अफीम कृषकों की समस्याओं को लेकर शनिवार को भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले। अफीम कृषक बसों में भरकर चित्तौड़, बेगूँ, रावतभाटा, चेचट, रामगंजमंडी, भीलवाड़ा समेत संभाग भर से बड़ी संख्या में कोटा पहुंचे थे।प्रांत महामंत्री जगदीश कलमंडा के नेतृत्व में फसल खराबा एवं अफीम नीति संशोधन, अफीम के डोडा का निस्तारण समेत विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ मांग पत्र प्रेषित किया। सम्भागीय प्रवक्ता आशीष मेहता ने बताया कि संभागभर में अफीम किसानों का डोडा चूरा अभी भी घरों में रखा है।
विभाग के द्वारा इसके निस्तारण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। विभाग की निष्क्रियता का आलम यह है कि 2 -3 साल तक भी निस्तारण नहीं किया जाता है। फिर किसानों को चोर बताकर मुकदमे लाद दिए जाते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने अफीम नीति को सरल बनाने को लेकर भी चर्चा की। जिलाध्यक्ष गिरिराज चौधरी ने बताया कि कोटा जिला के आसपास सभी तहसीलों में फसलों के खराबे को लेकर किसान दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गया है। किसानों को 2019 का फसल खराबे का मुआवजा और कृषि बीमा क्लेम भी नहीं मिला है। ऐसे में दूसरी बार फिर से खराबा होने से किसान बहुत चिंतित हो गया है। इस दौरान जिलाध्यक्ष गिरिराज चौधरी, जिला मंत्री देवी शंकर गुर्जर, उपाध्यक्ष सत्यनारायण धाकड़, जिला प्रचार प्रमुख रूप नारायण यादव, महानगर अध्यक्ष महावीर नागर, रामगंजमंडी तहसील अध्यक्ष प्रहलाद धाकड़, दुर्गालाल समेत आसपास के जिलों और तहसीलों से आए किसान प्रतिनिधि मौजूद थे।

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