पेट्रोलियम महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष पूनिया ने बताया सिर्फ 10 मिनट में ही वाहन तक डीज़ल सामान्य तौर पर पहुंचाने का सिस्टम विकसित किया गया है। कोरोनाकाल में या लॉकडाउन की स्थिति में भी यह योजना कारगर है। इस योजना का मकसद ग्राहक को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देना है। कोई पेट्रोल पम्प तक नहीं आना चाहता है तो 20 लीटर की जरीकेन स्कूटी के माध्यम से ग्राहक तक डिलीवर करने की योजना शुरू की गई है।
जरीकेन को किया जाएगा सील
ग्राहक के विश्वास और संतुष्टि के लिए डीज़ल पम्प से मांग के अनुसार माप कर जरीकेन में डीज़ल भरा जाता है। उस पर कंपनी की सील लगाई जाती है। फिर ग्राहक की लोकेशन तक डिलेवरी पर्सन डीज़ल पहुंचाता है। खाली जरीकेन वापस ले जाता है। डिलेवरी पर्सन को भुगतान कैश में देने की बजाय पम्प पर फोन पे, पे-टीएम या कार्ड स्वैप करके भुगतान करने की सुविधा है।
5 किलोमीटर तक नहीं लगेगा चार्ज
खास बात यह है कि डिलीवरी के लिए पम्प से 5 किलोमीटर की परिधि में कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाता है। इस योजना के दूरगामी परिणाम अच्छे होने की उम्मीद हैं।

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