टोक्यो ओलम्पिक में इतिहास रचने वाली भारतीय हॉकी पुरूष टीम को हॉकी इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेन्द्रो निंगोम्बम ने ढेरों शुभकामनाए दी है। ज्ञानेन्द्रो निंगोम्बम गुरूवार को उदयपुर में टोक्यो ओलम्पिक में भाग ले रहे भारतीय खिलाडियों के उत्साहवर्धन के लिए राजस्थान ओलम्पिक संघ और हॉकी राजस्थान के साझे में आयोजित चीयर फोर इंडिया कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। ज्ञानेन्द्रो निंगोम्बम ने बडी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हॉकी टीम के द्वारा जो कास्य पदक जीता है
उससे पूरा देश गौरव महसूस कर रहा है। उन्होने यह भी कहा कि भारतीय टीम ने कास्य पदक के लिए हुए मैच में अपना पूरा दमखम दिखाया जिसका परिणाम यह रहा है कि भारत ने जर्मनी को 5-4 से हराकर 41 साल बाद पदक नही जीतने के सिलसिले को खत्म कर दिया।उदयपुर के मोहन लाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में भारतीय खिलाडियों का हौसला बढाने के लिए राजस्थान ओलम्पिक संघ और हॉकी राजस्थान के साझे में चीयर फोर इंडिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेन्द्रो निंगोम्बम बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस कार्यक्रम में सुखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अमेरिका सिंह, राजस्थान ओलम्पिक संघ के अध्यक्ष अजीत सिंह राठौड, महासचिव अरूण कुमार सारस्वत, हॉकी राजस्थान के महासचिव मित्रानंद पूनिया, हॉकी उदयपुर के अध्यक्ष डा. दरियाव सिंह चुण्डावत, हॉकी उदयपुर के सह संरक्षक हिम्मत सिंह झाला, हॉकी उदयपुर के सचिव डा. कुलदीप सिंह झाला सहित कई लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में मौजूद सभी ने लोगों टोक्यों ओलम्पिक में भाग ले रहे खिलाडियों का हौसला बढाया।
खास बात यह रही कि कार्यक्रम के आयोजन के कुछ समय पहले ही भारतीय हॉकी पुरूष टीम ने कास्य पदक पर कब्जा जमाया। भारतीय हॉकी पुरूष टीम ने 41 साल बाद इतिहास रचा तो खेलप्रेमियों में खुशी की लहर फैल गयी। चीयर फोर इंडिया कार्यक्रम में शिरकत करने आये सभी लोगो ने भारतीय टीम के सभी खिलाडियों को बधाई दी। इस मौके पर खेलप्रेमियों ने हॉकी टीम के सभी खिलाडिया का हौसला बढाया। चीयर फोर इंडिया कार्यक्रम के बाद मिडिया से बातचीत करते हुए हॉकी इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेन्द्रो निंगोम्बम में कहा कि देश के लिए यह गौरव की बात है
और टीम ने चालीस साल बाद कास्य पदक पर कब्जा जमाया है उससे अन्य खिलाडियों को भी प्रेरणा मिलेगी। इतना ही नही खिलाडियों के लिए सभी प्रकार की सुविधाओं के लिए हॉकी इंडिया कटिबद्व है। इस मौके पर हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष और राजस्थान ओलम्पिक संघ के महासचिव अरूण कुमार सारस्वत ने साफ किया कि टोक्यों ओलम्पिक में अब तक का सबसे बडा दल ने भाग लिया।
उन्होने भारतीय हॉकी पुरूष टीम को बधाई दी साथ ही यह भी उम्मीद जताई है कि महिलाए भी कास्य पदक के लिए होने वाले मैच में जीत हासिल करेगी। उन्होने यह भी कहा कि पिछले पांच से छ वर्षो में हॉकी में बहुत कुछ बदलाव देखने को मिला है। इधर सुखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अमेरिका सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से बनने वाले हॉकी एस्टोर्टफ के लिए प्रथम चरण में 1 करोड 11 लाख रूपये की वित्तिय स्वीकृति जारी की जाएगी ताकि हॉकी एस्टोर्टफ का काम शुरू हो सकें।भारतीय हॉकी के इतिहास में 5 अगस्त का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा और हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल होने के बाद ही 40 साल बाद टीम ने कास्य पदक पर कब्जा जमाया है। ऐसे में अब पूरा देश यह प्रार्थना कर रहा है कि महिलाओं की टीम भी अच्छा खेल दिखाए और पुरूषों की तरह कास्य पदक पर अपना कब्जा जमाए।



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