ब्यूरो रिपोर्ट।

रिश्वत की एवज में अस्मत मांगने वाले बर्खास्त आरपीएस कैलाश बोहरा पर एसीबी मामलों की विशेष अदालत ने आरोप तय कर दिए है। एसीबी कोर्ट ने बोहरा के खिलाफ बलात्कार का प्रयास, छेड़छाड़ और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत आरोप तय किए हैं। इनमें आईपीसी की धारा 354, 354-ए, 354-बी, 376, 511 और 509 में आरोप तय किए गए हैं। इनमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। उधर आरोपी कैलाश बोहरा ने कोर्ट में खुद को बेकसूर बताते हुए मामले की ट्रायल चाही है। इस मामले में पीड़िता के बयान 20 अगस्त को दर्ज किए जाएंगे। आपको बता दें कि पीड़िता ने मार्च महीने के दौरान एसीबी में शिकायत की थी। उसमें बताया गया था कि जवाहर सर्किल थाने में एक युवक और अन्य के खिलाफ बलात्कार और धोखाधड़ी के तीन मामले दर्ज कराए थे, जिसकी जांच महिला अत्याचार अनुसंधान यूनिट के तत्कालीन एसीपी कैलाश बोहरा के पास थी। मुकदमे में कार्यवाही की एवज में बोहरा ने पहले उससे ₹50000 लिए थे। इसके बाद 14 मार्च को बोहरा ने उसे अपने ऑफिस बुलाकर कमरा बंद कर लिया, इसी दौरान एसीबी ने आकर बोहरा को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया था। इस मामले में आरोपी बोहरा बोहरा एसीबी कोर्ट और हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर चुका है। हाईकोर्ट ने उसे ट्रायल कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद जमानत याचिका पेश करने की छूट दी है।