ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को समय पर मुआवजा मिले इसके लिए सर्वे का काम जल्दी ही पूरा कर लिया जाए जिससे कि केंद्र सरकार को मेमोरेंडम भेजा जा सके। गहलोत ने कहा कि इस काम में कंजूसी नहीं होनी चाहिए, गरीब की मदद करने की सोच रखने के साथ ही काम होना चाहिए। गहलोत ने बाढ़ के दौरान हुए हादसों में मृतक आश्रितों को 5 लाख और घायलों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है। बाढ़ के चलते हुए नुकसान की समीक्षा के लिए शनिवार को गहलोत ने कोटा संभाग और जोधपुर जिले के अफसरों और प्रभारी मंत्रियों के साथ बैठक के बाद ये निर्देश दिए। आपको बता दें कि राज्य सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए संभाग मुख्यालय के सभी जिला कलेक्टरों को 20-- 20 लाख और बाकी जिलों को 10 लाख रुपये रिवाल्विंग फंड के रूप में दिए थे। उधर फसल खराबे को लेकर सरकारी आकलन में ही अंतर नजर आया है। कोटा संभागीय संभागीय आयुक्त के सी मीणा ने बैठक के दौरान सीएम को बताया कि संभाग के 4 जिलों में 5 से 30% तक फसल खराब होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इस बार 10 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी, इसमें से लगभग 4000 हेक्टेयर में फसल खराब हो गई। वही हाल ही मे कोटा दौरे पर गए जिले के प्रभारी और कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा था कि बाढ़ से मकानों और फसलों को भारी नुकसान हुआ है फसले तो 80 से 90% तक खराब हो चुकी है। फिलहाल सही आकलन विशेष गिरदावरी रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेगा।


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