ब्यूरो रिपोर्ट, प्रदेश कांग्रेस मैं इन दिनों खासी हलचल मची हुई है। एक-एक दिन बिताना सबके लिए भारी साबित हो रहा है। सुबह से शाम सबको यही इंतजार रहता है कि ना जाने कब दिल्ली से  फोन आए और मुख्यमंत्री राजभवन की ओर प्रस्थान करें। अब ये तो निश्चित तौर से समय ही बताएगा कि सरकार में मंत्री मंडल पुनर्गठन होगा या विस्तार होगा। कयास ये भी है कि हो सकता है पुनर्गठन भी हो और विस्तार भी हो..

 फिलहाल गेंद आलाकमान के पाले में है। दूसरी ओर जहां तक पायलट समर्थकों का सवाल है, उनका दावा है मंत्रिमंडल पुनर्गठन या विस्तार की प्रक्रिया 15 अगस्त से पहले पूरी कर ली जाएगी। 15 अगस्त को कई नये मंत्री जिलों में ध्वज फहराते नजर आएंगे। उनका यह भी कहना है कि यदि इस मामले में देर होती है तो इससे कांग्रेस आलाकमान की प्रतिष्ठा पर ही असर होगा। क्योंकि आम जनता में यह मैसेज जाएगा कि कांग्रेस आलाकमान राजस्थान का सियासी संकट सुलझाने में नाकाम रहा है। 

दूसरी ओर गहलोत खेमे के कुछ मंत्रियों को थोड़े संकेत भी मिल गए हैं और वे अपने पद को लेकर निश्चिंत हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा बुधवार को परिवार सहित छुट्टियां मनाने गोवा चले गए। वही हाल ही में खुद को चार-पांच दिन का मेहमान बताने वाले शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के कहने पर सरकार ने भी विभाग के सचिव को बदल कर यह मैसेज दिया कि फिलहाल डोटासरा कहीं नहीं जा रहे हैं। गहलोत और पायलट खेमे के अपने-अपने दावे हैं, लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आलाकमान किस तरह के संतुलन के साथ प्रदेश के सियासी संकट का समाधान कर पाता है।