कोरोना महामारी के मद्देनजर शादी समारोह में मेहमानों की संख्या 50 तक ही सीमित होने के कारण डेस्टिनेशन वेडिंग हब राजस्थान की वेडिंग व इवेंट इंडस्ट्री को अगले सीजन में एक हजार करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। इससे बाहरी लोग राजस्थान आना तो दूर यहां के लोग भी पड़ोसी राज्यों की ओर शादियों के लिए जा रहे हैं।
जून-जुलाई में करीब 535 शादियां पड़ोसी राज्यों में हुईं, वहीं नवंबर से फरवरी के बीच राजस्थान से करीब 2,500 शादियां पड़ोसी राज्यों में शिफ्ट होने के आसार हैं। वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े लाेगाें का कहना है कि आगामी नवंबर से फरवरी के बीच प्रदेश में 40,000 शादियां होनी हैं। इनमें से 5 हजार शादियां बड़े बजट की होंगी।
बड़े बजट की शादियों में से 50% शादियां दूसरे राज्यों में शिफ्ट होने का अनुमान है। इससे वेडिंग इंडस्ट्री को एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा, क्योंकि पड़ोसी राज्यों में समारोह में 400 तक मेहमान आने की अनुमति है।
नवंबर-फरवरी में 2500 बड़े बजट की शादियां; बुकिंग हो रही, एडवांस नहीं मिल रहा
शादी में किस सेक्टर की कितनी हिस्सेदारी
ज्वेलरी 25%, कैटरिंग 15%, टेंट व गार्डन 25%, कपड़ा 5%, ब्यूटीपॉर्लर, फोटोग्राफर व अन्य 30%
किसी राज्य में कितने मेहमानों की अनुमति;
गुजरात में 400, महाराष्ट्र में 200, उत्तर प्रदेश में 200 और मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ में 100 से 150 मेहमानों के आने की अनुमति हैं। इस कारण जून-जुलाई में गुजरात में 150, एमपी में 100, हरियाणा में 60, पंजाब में 75, दिल्ली में 50, उत्तर प्रदेश में 100 शादियां शिफ्ट हुईं।
नवंबर-दिसंबर की बुकिंग, एडवांस नहीं
जयपुर- 500 पुष्कर- 200 सवाई माधोपुर- 175 उदयपुर- 350 जैसलमेर- 90 कुुंभलगढ़- 75
इनकी बुकिंग कैंसिल
जयपुर- 40 पुष्कर- 10 सवाई माधोपुर- 15 उदयपुर- 30 जैसलमेर- 10 कुंभलगढ़- 10
राजस्थान में शादी समारोह में सिर्फ 50 मेहमानों के आने की छूट है। आगामी सीजन नवंबर से फरवरी मेंे शादी समारोह से जुड़े 5 लाख व्यापारियों पर रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। राज्य सरकार ने वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता नहीं दी है। शादी समारोह में अधिक मेहमान बुलाने की छूट देनी चाहिए, ताकि वेडिंग इंडस्ट्री बच सकेे।
-रवि जिंदल, चेयरमैन, राजस्थान टेंट डीलर्स व्यवसायी समिति
शादी समारोह से कई व्यापार मसलन किराना, गारमेंट, कपड़ा, फुटवियर, टेंट, गार्डन, डेकोरेटर, डीजे, होटल, कैटरिंग, लाइव ऑर्केस्ट्रा जुड़े हैं। वेडिंग डेस्टिनेशन हमारे राजस्थान की वेडिंग इंडस्ट्री पिट रही है। प्रदेश में शादी समारोह में 400 मेहमान या जगह की क्षमता के 50% तक बुलाने की छूट मिलनी चाहिए है।
-सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी
महाराष्ट्र और गुजरात तक जा रहे मेजबान
जालोर जिले के सांचौर तहसील के ग्राम हाडेचा के अशोक अरनया की शादी 14 नवंबर तय है। कम लिमिट से परिवार ने शादी मुंबई शिफ्ट कर दी। यहीं के ग्राम चितलवाना के महेंद्र कुमार गांधीमुता की 1 दिसंबर को तय शादी सूरत में बुक करा ली है। सिरोही के वर पक्ष से कैलाश खंडेलवाल और वधू पक्ष से शिवलाल ने तय किया कि 21-22 नवंबर को होने वाला शादी समारोह पालमपुर में करेंगे।
जून-जुलाई में 535 शादियों की बुकिंग रद्द
जून-जुलाई के दौरान भी प्रदेश में शादियों की 535 बुकिंग कैंसिल होकर अन्य राज्यों में शिफ्ट हो गईं। मसलन, श्रीगंगानगर निवासी तरसेम गुप्ता ने जून में अपनी बेटी की शादी अबोहर (पंजाब) जाकर की। धौलपुर के बाड़ी निवासी मदनलाल मंगल ने जुलाई में मध्यप्रदेश के ग्वालियर और शिवलाल गर्ग ने यूपी के आगरा में शादी की। उदयपुर के धर्मेंद्र नवलखा ने बेटे की शादी अहमदाबाद में की।


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