कोटा संभाग और धौलपुर में बीते दिनों बाढ़ के कारण लाखों हेक्टेयर फसल खराब हो गई। सरकारी आंकड़ाें की मानें तो ज्यादा बारिश के कारण प्रदेशभर में 3,69,174 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल खराब हो गई। लेकिन पश्चिमी जिलों में किसानों पर सूखे की मार पड़ी है। यहां 8 जिलों में कम बारिश के कारण सूखे के हालात हैं। इन जिलों में 14.70 लाख हेक्टेयर फसल खराब हो गई।
कृषि विभाग के आयुक्त डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, पाली, जालाेर, सिरोही और चूरू में बाजारा, मूंग और ग्वार की फसल में नुकसान हुआ है। खरीफ के सीजन में प्रदेश में 1.63 करोड़ हेक्टेयर में बुआई अनुमानित थी। लेकिन बारिश कम होने की वजह से अब तक सिर्फ 1.41 करोड़ हेक्टेयर में ही बुआई हो पाई है।यानी पिछले खरीफ सीजन में अब तक 1.44 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई हो चुकी थी। यानी पिछले साल के मुकाबले अब तक प्रदेश में 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई कम हुई है।
बाजारा, ज्वार, मक्का, उड़द, ग्वार, सोयाबीन, मूंगफली, बाजरे को भारी बारिश से नुकसान हुआ है। 1.63 करोड़ हेक्टेयर में बुआई होनी थी, 1.41 करोड़ हेक्टेयर में ही हुई
जहां बाढ़, वहां के हालात
कोटा में सर्वाधिक 1.03 लाख हेक्टेयर में खराबा
जिला- फसल (हेक्टेयर में)
कोटा- 1.03 लाख
बूंदी- 1.19 लाख
बारां- 83 हजार
सवाई माधोपुर- 61 हजार
जयपुर (4 तहसीलें)- 2920
सीकर (1 तहसील)- 3992
नागौर (2 तहसीलें)- 7357
करौली- 15 हजार
टोंक - 8 हजार
अब तक की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में ज्यादा बारिश के कारण 3,69, 74 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल नुकसान होना पाया गया है।
फसलखराबा (हेक्टेयर में) सोयाबीन-2.16 लाख उड़द-1.13 लाख मूंगफली-55 हजार बाजरा-52 हजार
मौसमवाणी 3 सितंबर से एक्टिव होगा मानसून
प्रदेश में अब तक सामान्य से 11% कम बारिश हुई है। अब तक 426.22 मिमी के मुकाबले 377.91 मिमी बारिश हुई है। जयपुर में 7 दिन से एक भी बूंद नहीं बरसी है। अगले दाे-तीन दिन में मानसून सक्रिय हाेगा। इसके बाद 3-9 सितंबर तक जयपुर, भरतपुर संभाग में बारिश के आसार हैं।



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