ब्यूरो रिपोर्ट।
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की ओर से ब्राह्मणों पर दिए गए विवादास्पद बयान का विरोध शुरू हो गया है। विप्र सेना सहित कई ब्राह्मण संगठनों ने धारीवाल के बयान पर आपत्ति जताई है। ब्राह्मण संगठनों का कहना है कि मंत्री ने ब्राह्मण समाज के छात्रों की अन्य समाज के छात्रों से तुलना कर जातीय अराजकता फैलाने का काम किया है। ब्राह्मण संगठनों ने धारीवाल से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने चेताया है कि यदि मंत्री ने माफी नहीं मांगी तो प्रदेश भर में विरोध शुरू किया जाएगा। दूसरी ओर विप्र सेना की ओर से धारीवाल के सिविल लाइंस स्थित सरकारी निवास पर नारेबाजी की गई। उन्होंने मंत्री की अनुपस्थिति में निवास स्थान के बाहर ही विरोध का ज्ञापन चस्पा कर दिया। आपको बता दें कि नगरीय विकास मंत्री धारीवाल ने अलवर में एक कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कि क्या ब्राह्मणों ने बुद्धि का ठेका ले रखा है। मैं उन ब्राह्मणों से यह कहता हूं कि अगर तुमने बुद्धि का ठेका ले रखा है तो कोटा के इंस्टिट्यूट में जो देश भर में प्रसिद्ध है, उनका परिणाम जो आता है उसमें सौ में से 70% लोग बनिया जाति से होते हैं। आप किसी भी रिजल्ट को उठाकर देख लो। टॉप स्टूडेंट में या तो मित्तल मिलेगा या जैन मिलेगा या अग्रवाल मिलेगा। राजस्थान सचिवालय में भी बनिया ही बैठा हुआ मिलेगा। जब तक हमारे लोगों के हाथ में प्रशासन की कुर्सी नहीं होगी तब तक निश्चित तौर पर जैन, अग्रवाल और बनिया समाज को जो प्रोटेक्शन मिलना चाहिए उस प्रोटेक्शन से हम लोग महरूम रह जाते हैं। धारीवाल का यह बयान सामने आते ही प्रदेश भर के ब्राह्मण संगठनों ने इस पर अपना विरोध जताया है।


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