राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण का मतदान रविवार को सुबह 7:30 बजे से शुरू हो गया है। प्रदेश में सरकार कांग्रेस की है। ऐसे में चुनाव की परफॉर्मेंस से यह पता चलेगा और सरकार पर भी यह बताने का दबाव रहेगा कि सरकारी योजनाओं और कार्यों को जनता ने कितना पसंद किया। कांग्रेस ने अबकी बार विधायकों पर इन चुनावों की बड़ी जिम्मेदारी सौंप रखी है। ऐसे में टिकट वितरण के लेकर चुनाव प्रचार तक में विधायकों की बड़ी भूमिका रही है। कांग्रेस सरकार के 1 कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस पार्टी के 8 विधायक और कांग्रेस समर्थित 2 निर्दलीय विधायकों की इस चुनाव में प्रतिष्ठा दांव पर है।
कैबिनेट मंत्री परसादीलाल मीणा की प्रतिष्ठा दांव पर
कांग्रेस के जिन मंत्री-विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर है, उनमें उद्योग व राजकीय उपक्रम विभाग के मंत्री परसादीलाल मीणा दौसा के लालसोट से विधायक हैं। उनके क्षेत्र की 2 पंचायत समितियों में लालसोट और रामगढ़ पचवारा में मतदान है।
कांग्रेस के 8 विधायकों के क्षेत्र की 18 पंचायत समितियों में भी है मतदान
- भरतपुर के डीग-कुम्हेर से कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह के क्षेत्र की डीग पंचायत समिति क्षेत्र में मतदान होना है।
- भरतपुर के नगर से कांग्रेस विधायक वाजिब अली के क्षेत्र की नगर पंचायत समिति क्षेत्र।
- भरतपुर के कामां से कांग्रेस विधायक जाहिदा खान के क्षेत्र की कामां और पहाड़ी पंचायत।
- दौसा से कांग्रेस विधायक मुरारीलाल मीणा के क्षेत्र में लवाण और नांगल राजावतान पंचायत समिति।
- जयपुर के चाकसू से कांग्रेस विधायक वेदप्रकाश सोलंकी के क्षेत्र में माधोराजपुरा और फागी पंचायत समिति।
- जोधपुर के शेरगढ़ से कांग्रेस विधायक मीना कंवर के क्षेत्र में शेरगढ़,सेखाला,चामू, बालेसर पंचायत समितियां।
- जोधपुर के लोहावट से कांग्रेस विधायक किसनाराम विश्नोई के क्षेत्र में लोहावट, देचू, बापिणी और आउ पंचायत समिति क्षेत्र।
- सवाईमाधोपुर के बामनवास से कांग्रेस विधायक इंदिरा मीणा के क्षेत्र में बौंली पंचायत समिति।
कांग्रेस समर्थित 2 विधायकों की भी लगी है साख
कांग्रेस समर्थित 2 विधायकों की साख भी चुनाव में दांव पर लगी है। इस चुनाव में 3 पंचायत समितियां कांग्रेस समर्थित दो निर्दलीय विधायकों बाबूलाल नागर और संयम लोढ़ा के विधानसभा क्षेत्र में हैं। दूदू और मौजमाबाद पंचायत समिति निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर के दूदू विधानसभा क्षेत्र में आती हैं, जबकि सिरोही पंचायत समिति निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा के विधानसभा क्षेत्र सिरोही में आती है। जिन पंचायत समिति क्षेत्रों समर्थित निर्दलीय विधायक हैं, उन क्षेत्रों में कांग्रेस पार्टी ने टिकट वितरण में निर्दलीय विधायकों के फीडबैक को प्राथमिकता देकर टिकट वितरित किए हैं। ऐसे में निर्दलीय विधायकों को भी चुनाव में अपनी सियासी पैठ दिखानी होगी।
6 जिले, 25 लाख मतदाता, 10500 EVM
कांग्रेस और बीजेपी के अलावा निर्दलीय और अन्य दलों की ओर से भी प्रत्याशी चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए दूसरे चरण के चुनाव में 25 लाख से ज्यादा मतदाता वोट डाल सकेंगे। करीब 10 हज़ार 500 EVM से ये चुनाव करवाए जा रहे हैं। इसमें 35 हजार से ज्यादा कार्मिकों की चुनाव ड्यूटी लगाई है। सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक मतदान का समय है।
राज्य के 6 जिलों जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, सवाईमाधोपुर, दौसा, सिरोही में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ये चुनाव हो रहे हैं। इन जिले की 28 पंचायत समितियों के 536 सदस्यों और उनसे संबंधित जिला परिषद सदस्यों के लिए मतदान है। इन 536 पंचायत समिति सदस्यों के लिए 1680 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की है।
28 पंचायत समितियों के लिए 1680 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे
28 पंचायत समितियों के लिए 1680 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। जबकि, 10 प्रत्याशी पूर्व में ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। निर्वाचन आयुक्त पीएस मेहरा के मुताबिक़ प्रथम चरण में 62 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई है। उन्होंने मतदाताओं से कोविड गाइडलाइंस की पालना करने के साथ उत्साह से वोटिंग करने की अपील की है। साथ ही कहा है कि मतदाता बिना किसी प्रलोभन, लालच, दबाव या डर के मतदान करें। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के तीसरे चरण के लिए मतदान 1 सितंबर को होगा। जबकि 4 सितंबर को सुबह 9 बजे से सभी जिला मुख्यालयों पर मतगणना होगी।


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